पुलिस के ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ ने पॉश कॉलोनियों में मचाया हड़कंप, ADG ने दिए सख्त निर्देश
देहरादून: यदि आपने अपना फ्लैट या मकान किराये पर दे रखा है और खुद शहर से बाहर या कहीं और रह रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। पुलिस अब सीधे आपके घर तक पहुंचने वाली है। किरायेदारों का सत्यापन न कराना अब भारी पड़ सकता है, जेल भी जाना पड़ सकता है।
अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) ने गुरुवार को पुलिस लाइन सभागार में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों की अहम बैठक ली। इस बैठक में ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’, ‘ऑपरेशन स्माइल’ और लावारिस शवों की शिनाख्त जैसे अभियानों की समीक्षा करते हुए अफसरों ने सख्त लहजा अपनाया।
एडीजी ने साफ कहा कि अब सिर्फ झुग्गी-झोपड़ियों या किराये के मकानों तक सीमित न रहकर पुलिस की टीमें शहर की बड़ी सोसायटियों और पॉश कॉलोनियों में भी दस्तक देंगी। खास तौर पर उन मकान मालिकों पर नकेल कसी जाएगी जो खुद तो शहर से बाहर या विदेश में रहते हैं, लेकिन अपने अपार्टमेंट बाहरी लोगों को किराये पर दे रहे हैं।
“जिन मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई किरायेदार आपराधिक पृष्ठभूमि का निकला तो मकान मालिक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा।”
— अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था
बैठक में बताया गया कि पिछले 12 दिनों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई की है:
कार्रवाई का आंकड़ा
निरोधात्मक कार्रवाई (गुंडे-बदमाश) 1600+
सत्यापन न कराने वाले मकान मालिक 800+
83 पुलिस एक्ट के तहत मुकदमे 83 केस
कुल जुर्माना ₹80 लाख+
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अभियान के तहत हर थाना क्षेत्र में टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें रात-दिन सर्वे कर रही हैं:
1. हर घर की जांच: पुलिसकर्मी हर उस मकान की डिटेल ले रहे हैं जहां किरायेदार रहते हैं।
2. बाहरी राज्यों के लोगों पर फोकस: खासतौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब और बंगाल से आए किरायेदारों के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
3. मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट में छापे: आरडब्ल्यूए और सोसायटी के पदाधिकारियों को भी नोटिस दिए जा रहे हैं कि वे बाहरी लोगों की एंट्री पर नजर रखें।
4. चेक पोस्ट सील: सभी अंतरजनपदीय और अंतर्राज्यीय चेक पोस्टों पर वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में एडीजी ने ‘ऑपरेशन स्माइल’ की भी समीक्षा की। यह अभियान गुमशुदा बच्चों और व्यक्तियों को ढूंढने पर केंद्रित है। थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्र से गायब हुए हर व्यक्ति की फाइल खंगालें।
· सर्विलांस टीम को एक्टिव मोड में रखा जाए
· मैनुअल इनपुट के जरिए भी सुराग जुटाए जाएं
· हर गुमशुदगी के मामले में हर हफ्ते रिव्यू होगा
लावारिस शवों की पहचान को लेकर भी पुलिस अफसरों को कड़ी हिदायत दी गई। एसओपी के तहत हर शव की फोटो, फिंगरप्रिंट और डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए ताकि भविष्य में परिजन मिलने पर पहचान हो सके।
“लावारिस शवों के मामले में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिनाख्त के लिए बनाई गई एसओपी का सख्ती से पालन हो। समय पर रिपोर्ट नहीं देने वाले अफसरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।”
— एडीजी, अपराध एवं कानून व्यवस्था

पुलिस ने साफ किया है कि अगर आपने ये गलतियां कीं तो सीधा केस दर्ज होगा:
किरायेदार का सत्यापन न कराना 83 पुलिस एक्ट में केस, ₹1 लाख तक जुर्माना
आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को किराये पर रखना IPC की धाराओं में मुकदमा, गिरफ्तारी
झूठे दस्तावेज पर किरायेदार रखना धोखाधड़ी का मामला दर्ज
पुलिस को गलत जानकारी देना सूचना छुपाने का केस
पुलिस ने बताया कि शहर के ये इलाके फिलहाल रडार पर हैं:
· प्रेमनगर
· सेलाकुई
· नेहरू कॉलोनी
· रायपुर
· कैंट एरिया
· वसंत विहार
· क्लेमेंटाउन
· अजबपुर
· पटेल नगर
एडीजी ने बैठक में स्पष्ट किया कि यह अभियान अगले 3 महीने तक लगातार चलेगा। उसके बाद भी इसे थमाया नहीं जाएगा, बल्कि नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा।
“हर थाना प्रभारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके क्षेत्र का हर किरायेदार सत्यापित हो। हम एक डेटाबेस तैयार कर रहे हैं, जिसमें हर व्यक्ति की फोटो, पहचान पत्र और फिंगरप्रिंट होगा।”
— वरिष्ठ पुलिस अधिकारी
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में तुरंत पुलिस को सूचना दें।
हेल्पलाइन नंबर: 112 या नजदीकी थाना
देहरादून जैसे शहर में जहां हर साल हजारों बाहरी लोग नौकरी, पढ़ाई या व्यापार के लिए आते हैं, वहां किरायेदारों का सत्यापन एक अहम मुद्दा है। पिछले कुछ सालों में कई आपराधिक वारदातों में यह सामने आया है कि अपराधी बिना सत्यापन के किराये के मकानों में रहकर वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस का यह अभियान न सिर्फ अपराध पर नकेल कसेगा, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। हां, इतना जरूर है कि पुलिस को आम जनता के साथ पेश आते वक्त संवेदनशीलता भी बरतनी होगी, ताकि यह अभियान उत्पीड़न का जरिया न बने।
तो क्या आपने अपने किरायेदार का सत्यापन करा लिया है? अगर नहीं, तो आज ही नजदीकी थाने जाइए, वरना कल पुलिस खुद आपके दरवाजे पर दस्तक देगी।

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