पौड़ी । पौड़ी गढ़वाल की जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने खिर्सू विकासखंड के मरोड़ा गांव को एक उन्नतिशील और मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की बात कही है। हरेला पर्व के अवसर पर गांव का दौरा करते हुए, उन्होंने कहा कि उत्पादन में वृद्धि होने पर यहां के स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए उचित प्रबंधन किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा।
हरेला पर्व पर रोपे गए 10,000 सिट्रस पौधे
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर हरेला पर्व मनाया। इस दौरान “हरेला गांव – धाद की पहल” के अंतर्गत माल्टा, नींबू, नारंगी जैसे सिट्रस पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में लगभग 10,000 पौधों का सामूहिक रोपण हुआ और हरेला मार्च भी आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि इस पट्टी को सिट्रस बेल्ट के रूप में विकसित करने के लिए वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार का सहयोग लिया जाएगा।

उत्पादन, प्रसंस्करण और पैकेजिंग पर जोर
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने अधिक मात्रा में उत्पादन का प्रयास करने पर जोर दिया। उनका मानना है कि पर्याप्त उत्पादन होने पर गांव में ही प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और पैकेजिंग यूनिट स्थापित की जा सकती है, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए समाज, शासन और निजी क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय बहुत ज़रूरी है। इस उद्देश्य से मरोड़ा गांव को समावेशी विकास मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
किसानों को मिलेगा राजस्व कैंप और सब्सिडी का लाभ
जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के बाद राजस्व संबंधी कैंप लगाए जाएं ताकि ग्रामीणों की खाता-खतौनी और अन्य शिकायतों का निवारण किया जा सके।

मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने बताया कि ग्रामोत्थान परियोजना के तहत किसानों को 60% तक की सब्सिडी मिल सकती है, जिसका लाभ उठाकर वे सहकारी मॉडल के तहत खेती कर सकते हैं।
इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों ने खेती में नवाचार, प्रशिक्षण, कलेक्शन सेंटर और मार्केटिंग की व्यवस्था पर भी जोर दिया।



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