दिव्यांग बुजुर्ग का 31 हजार का पानी का बिल माफ, पुत्र की मृत्यु पर न्याय के लिए भटकती मां को मिला प्रशासन का सहारा
देहरादून। राजधानी के कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम जन-समस्याओं के समाधान का बड़ा केंद्र बनकर उभरा। मुख्यमंत्री की प्रेरणा से संचालित इस कार्यक्रम में आज शिकायतों का आंकड़ा 212 पार कर गया। जिलाधिकारी ने अपनी कोर टीम के साथ घंटों बैठकर एक-एक फरियादी की समस्या सुनी और उनके प्रभावी निस्तारण के लिए मौके पर ही अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।
जनता दर्शन में आज सबसे भावुक कर देने वाला मामला छबीलबाग, कांवली रोड निवासी 82 वर्षीय दिव्यांग नत्थीलाल का रहा। उन्होंने बताया कि उनका पुत्र पिछले 12-13 वर्षों से लापता है और दो पोतों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। आर्थिक तंगी के बीच जल संस्थान ने उन्हें 31,657 रुपये के पानी का बिल थमा दिया था। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जल संस्थान से रिपोर्ट मांगी। डीएम के हस्तक्षेप पर 11,487 रुपये का ब्याज ‘वन टाइम सेटलमेंट’ के तहत माफ किया गया, जबकि शेष 20,170 रुपये की धनराशि जिलाधिकारी ने राइफल फंड से जमा कराकर बुजुर्ग को इस भारी कर्ज से मुक्त कराया।
विकासनगर निवासी मीना बंसल ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि वर्ष 2023 में डिक्शन होटल में कार्यरत उनके पुत्र की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, लेकिन कंपनी ने अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सहायक श्रम आयुक्त (ALC) को नियोक्ता फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और लेबर कोर्ट में वाद दायर कर दो माह के भीतर प्रकरण निस्तारित करने के निर्देश दिए।

- प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा: धर्मपुर निवासी रोशनी रावत ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए दो पुत्रियों की शिक्षा में असमर्थता जताई। डीएम ने बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि दोनों बच्चियों की पढ़ाई का खर्च ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत वहन किया जाए।
बुजुर्ग दंपत्ति ऋषिकेश निवासी नीलम अरोड़ा व उनके पति ने अपनी पुत्रवधु पर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया। डीएम ने तत्काल एसडीएम कोर्ट ऋषिकेश को ‘भरण-पोषण अधिनियम’ के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा।
हर्रावाला निवासी बाबूराम मौर्य ने शिकायत की कि कुछ भू-माफियाओं ने अपनी जमीन से सटी लघु सिंचाई विभाग की सरकारी नहर को जेसीबी लगाकर क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे किसानों की गेहूं की फसल बर्बाद हो रही है। जिलाधिकारी ने इसे सरकारी संपत्ति को नुकसान का गंभीर मामला मानते हुए एडीएम, एसडीएम डोईवाला और सिंचाई विभाग को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी के साथ अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह, उप नगर आयुक्त संतोष पाण्डेय, एसडीएम मुख्यालय कुमकुम जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
”जनता की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान हमारी प्राथमिकता है। जिला प्रशासन हर उस व्यक्ति के साथ खड़ा है जो असहाय है या जिसे न्याय की दरकार है।” — सविन बंसल, जिलाधिकारी, देहरादून

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