अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में गूंजा शांति का संदेश, सीएम धामी ने योग को बताया मानवता का आधार

देहरादून/ऋषिकेश।  पुष्कर सिंह धामी ने योग नगरी ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में आयोजित 38वें International Yoga Festival में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए योग साधकों, योगाचार्यों और अतिथियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि योग विश्व शांति और आत्मिक संतुलन का सार्वभौमिक विज्ञान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ गंगा की पावन आरती में सहभागी बनना और विश्व कल्याण के लिए आयोजित यज्ञ में आहुति देना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं महान परंपरा है, जो आज पूरी दुनिया में स्वास्थ्य, संतुलन और मानसिक शांति का मार्ग दिखा रही है।
उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। वर्तमान समय में जब दुनिया तनाव, अवसाद और जीवनशैली जनित रोगों से जूझ रही है, तब योग एक प्राकृतिक उपचार प्रणाली के रूप में मानवता को नई दिशा दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने जाति, भाषा, धर्म और भूगोल की सीमाओं को पार कर विश्व को एक परिवार के रूप में जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने के प्रस्ताव के बाद आज 180 से अधिक देशों में योग का व्यापक अभ्यास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं बल्कि योग और अध्यात्म की भूमि भी है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और स्वच्छ वातावरण योग साधना के लिए अत्यंत अनुकूल है। इसी दृष्टि से राज्य सरकार ने उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए “योग नीति 2025” लागू की है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा शोध कार्यों के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश में पांच नए योग हब स्थापित किए जा रहे हैं और सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आयुष वेलनेस सेंटरों और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्रों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित हैं तथा प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा आयुष परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आयुष नीति के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक “स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन” स्थापित करने के लिए बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कार्यक्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती, साध्वी भगवती सरस्वती, प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर सहित विभिन्न देशों से आए योगाचार्य, योग प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक उपस्थित रहे।

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