नारी शक्ति वंदन: नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूँजी महिलाओं की भागीदारी की माँग

देहरादून,। राजधानी के गांधी पार्क के समीप शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में एक भव्य सांस्कृतिक नवाचार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) मधु भट्ट के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने रचनात्मक तरीके से शासन और निर्णय प्रक्रिया में अपनी एक-तिहाई भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर माँग उठाई।
रंगकर्मियों ने झकझोरा समाज का मानस
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘संभव नाट्य मंच’ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। कला संस्कृति साहित्य परिषद और उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस नाटक के जरिए समाज में महिलाओं की वर्तमान स्थिति और उनकी उपलब्धियों को सजीव रूप में दर्शाया गया।
नाटक के माध्यम से कलाकारों ने एक गंभीर सवाल उठाया:

“जब भारतीय संस्कृति में नारी को देवी स्वरूप माना जाता है, तो नीति निर्धारण और शासन की मुख्यधारा में उनकी भूमिका सीमित क्यों है?”

प्रस्तुति में दिखाया गया कि महिलाएँ आज हर क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध कर चुकी हैं, अतः उन्हें नीति निर्माण में समान अवसर और प्रतिनिधित्व मिलना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
सांस्कृतिक नवाचार और जन-जागरूकता
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल माँग रखना ही नहीं, बल्कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जनसामान्य को जागरूक करना भी रहा। गांधी पार्क के बाहर आयोजित इस कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के साथ-साथ चित्रकला, लोकगीत और स्थानीय कला विधाओं के माध्यम से नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।
राज्यमंत्री मधु भट्ट ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के तहत सांस्कृतिक माध्यमों से संवाद स्थापित कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान को अब जिला स्तर तक विस्तारित किया गया है।
दिग्गजों की उपस्थिति और जन-समर्थन
इस अवसर पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सौरभ थपलियाल, महापौर, देहरादून, डॉ गीता खन्ना, अध्यक्ष उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग, दीप्ति रावत, प्रदेश महामंत्री (भाजपा),रिचा भट्ट, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष, साधना शर्मा, उमा संस्था (कार्यक्रम संचालिका), श्रीमती कविता बिष्ट, श्रीमती शांति रावत, डॉ अर्चना डीमरी, डॉ नेहा शर्मा, डॉ क्षमा कौशिक और डॉक्टर हिमानी उपस्थित रहे।

उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी नारी सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं की भूमिका को सुदृढ़ करने पर अपने विचार व्यक्त किए। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने रुककर इन प्रस्तुतियों को देखा और महिलाओं की इस मुहिम की सराहना की। संस्था की ओर से संकल्प दोहराया गया कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए इस तरह के जागरूकता अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।

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