उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों का नया रंग, ‘मौली रोबोट’ ने जीता सबका मन!

रोबोटिक पहल से बदला मेडल सेरेमनी का रूप

राष्ट्रीय खेलों में ‘मौली रोबोट’ ने रचा इतिहास, तकनीकी नवाचार से खिलाड़ियों में उत्साह

देहरादून,08फरवरी2025 (आरएनएस)राष्ट्रीय खेलों की मेडल सेरेमनी शनिवार को एक नए आयाम में बदल गई जब ‘मौली रोबोट’ ने खिलाड़ियों तक मेडल पहुंचाकर सबको हैरान कर दिया। एथलेटिक्स के इवेंट में यह ऐतिहासिक पहल उत्तराखंड सरकार के तकनीकी नवाचार की दिशा में बड़ा कदम साबित हुई।

खिलाड़ियों और दर्शकों की उम्मीदें पारंपरिक मेडल सेरेमनी की थीं, लेकिन जैसे ही ‘मौली रोबोट’ ने ट्रे में मेडल लेकर विजेताओं की ओर कदम बढ़ाए, पूरे स्टेडियम में रोमांच छा गया। रोबोट के द्वारा विजेताओं तक मेडल पहुंचाने की इस अनूठी पहल ने राष्ट्रीय खेलों में एक नया अध्याय जोड़ा है।

ड्रोन टीम की अभिनव सोच

उत्तराखंड पुलिस की ड्रोन टीम और डीटाउन रोबोटिक्स की साझेदारी ने यह सपना साकार किया। टीम के विपिन कुमार, दीपांकर बिष्ट, प्रशांत चंद्र, दीपक बिष्ट, अभिषेक कुमार और प्रज्ज्वल रावत ने डेढ़ महीने की मेहनत से इस प्रोजेक्ट को तैयार किया।

डिस्कस इवेंट में भी एक अन्य रोबोट ने सहयोग किया, जिससे यह साफ हो गया कि भविष्य में रोबोटिक तकनीक खेलों का अभिन्न हिस्सा बन सकती है।

खेल निदेशक की योजना

खेल निदेशक प्रशांत आर्या ने बताया कि एथलेटिक्स के 40 से अधिक इवेंट में ‘मौली रोबोट’ का इस्तेमाल किया जाएगा। इस पहल से मानव संसाधन पर निर्भरता कम होगी और खेल आयोजन अधिक प्रभावी और आधुनिक बनेंगे।

मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा,
“राष्ट्रीय खेलों में तकनीकी नवाचार उत्तराखंड को नई पहचान दे रहा है। ‘मौली रोबोट’ का उपयोग राज्य की प्रगति और खेल विकास का प्रतीक है। हमारा उद्देश्य नई तकनीकों का लाभ खेलों को देना है।”

ओलंपियन का अनुभव

ओलंपियन मनीष रावत ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “यह पहली बार है जब मैंने मेडल सेरेमनी में रोबोट का उपयोग होते देखा। यह नवाचार खेलों को एक नई दिशा में ले जाएगा।”

-मुख्यमंत्री जी के निर्देश थे कि राष्ट्रीय खेलों में तकनीकी पहल भी होनी चाहिए। इसलिए, रोबोटिक तकनीक की मदद लेकर यह प्रयोग किया गया। हैमर थ्रो, जेवलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो जैसी एथलेटिक्स इवेंट में भी हम रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मानव संसाधन पर निर्भरता कम कर रहे हैं।

-अमित सिन्हा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राष्ट्रीय खेल।

38 वें राष्ट्रीय खेल में खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के अलावा कई अभिनव पहल भी पूरे देश को दिखाई दे रही है। तकनीकी पहल भी अब राष्ट्रीय खेलों के साथ जुड़ गई है। हमारी कोशिश ये ही है कि नई तकनीक का पूरा लाभ लेते हुए खेल विकास के लिए कार्य किया जाए।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

38वें राष्ट्रीय खेलों में जहां खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने दिल जीता, वहीं ‘मौली रोबोट’ की यह पहल खेलों के इतिहास में एक नई मिसाल बन गई है।

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