गढ़वाल विश्वविद्यालय में 20 जुलाई से “भारतीय भाषाओं की समरसता” पर राष्ट्रीय पुनश्चर्या पाठ्यक्रम, देशभर से 80 से अधिक शिक्षकों ने कराया पंजीयन

एमएमटीटीसी के तत्वावधान में दो सप्ताह चलेगा निःशुल्क ऑनलाइन कोर्स, नामी शिक्षाविद् देंगे व्याख्यान

श्रीनगर (गढ़वाल) । हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत “भारतीय भाषाओं की समरसता एवं बहुलता का स्वरूप” विषय पर 20 जुलाई से 1 अगस्त तक दो सप्ताह का ऑनलाइन राष्ट्रीय रिफ्रेशर कोर्स आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं रखा गया है और देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, भाषाविद् एवं साहित्यकार इसमें भारतीय भाषाओं के विविध आयामों पर अपने विचार रखेंगे।

यह रिफ्रेशर कोर्स कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के संरक्षण तथा एमएमटीटीसी निदेशक प्रो. देवेंद्र सिंह नेगी एवं कार्यक्रम समन्वयक हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग की प्रो. गुड्डी बिष्ट पंवार के मार्गदर्शन में आयोजित होगा। प्रो. पंवार ने बताया कि इसका उद्देश्य नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप भारतीय भाषाओं की समृद्ध परंपरा, उनकी समरसता, बहुलता, आपसी संबंध, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा राष्ट्रीय एकता में उनकी भूमिका पर गंभीर अकादमिक विमर्श को बढ़ावा देना है। कोर्स के दौरान भारतीय साहित्यिक वैविध्य, हिमालयी और पूर्वोत्तर क्षेत्र की भाषाओं-साहित्य, भारतीय बोलियों में जीवन मूल्यों जैसे विषयों पर देशभर के विद्वानों के व्याख्यान होंगे।

यह कोर्स विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों के शिक्षकों के लिए विशेष उपयोगी रहेगा और पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से संचालित होगा। नियमित उपस्थिति और मूल्यांकन परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले प्रतिभागियों को यूजीसी दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रमाणपत्र मिलेगा, जो करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के लिए मान्य होगा।

एमएमटीटीसी निदेशक प्रो. देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि भारतीय भाषाओं पर यह पहला ऐसा पुनश्चर्या पाठ्यक्रम है जो भारत की सामासिक संस्कृति को भाषाओं के जरिए राष्ट्रीय एकता का सेतु बनाने में भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक इस पाठ्यक्रम के लिए 80 से अधिक प्रतिभागी पंजीकरण करा चुके हैं। प्रो. गुड्डी बिष्ट पंवार ने शिक्षकों से समय रहते यूजीसी के एमएमसी पोर्टल पर पंजीकरण कर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।

इस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर 16 जुलाई को एमएमटीटीसी निदेशक प्रो. डी.एस. नेगी की अध्यक्षता में एक बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें प्रो. गुड्डी बिष्ट पंवार, संयुक्त निदेशक डॉ. राहुल कुँवर, सहायक निदेशक डॉ. सोमेश थपलियाल, डॉ. अमरजीत परिहार सहित अन्य उपस्थित रहे।

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