‘अब चुप्पी नहीं चलेगी’ का दिया अल्टीमेटम’
देहरादून । अंकिता भंडारी हत्याकांड में लगातार सामने आ रहे नए-नए खुलासों ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है। प्रकरण को लेकर धामी सरकार की चुप्पी और जांच में अड़चनों के आरोपों के बीच, अखिल भारतीय कांग्रेस ने मंगलवार को धर्मपुर विधानसभा के कारगी चौक पर जोरदार प्रदर्शन कर सरकार को घेर लिया। पार्टी के संचार विभाग के राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में कांग्रेस ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ सड़क से सदन तक व्यापक आंदोलन का अल्टीमेटम दिया।
प्रदर्शनकारियों ने “अंकिता को न्याय चाहिए, अपराधियों को भाजपा का संरक्षण नहीं” के नारों के साथ धामी सरकार पर तीखे सवाल दागे। वैभव वालिया ने इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में कहा कि रोज नए तथ्य उजागर होने से साफ हो गया है कि यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि “सत्ता–संरक्षण, साजिश और सबूत मिटाने का संगठित अपराध” है। उन्होंने कहा, “धामी सरकार की चुप्पी अब सवाल नहीं, बल्कि संदेह का सबसे बड़ा प्रमाण बन चुकी है।”
वालिया ने सरकार से कई सीधे सवाल किए:
- जिन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं, वे आज भी खुलेआम क्यों घूम रहे हैं?
- जांच को कमजोर करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
- भाजपा की महिला नेत्री आखिर किस डर से मौन हैं?
- क्या उत्तराखंड में बेटियों का न्याय सत्ता की अनुमति से तय होगा?
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया, “धामी सरकार हर नए खुलासे के साथ और ज्यादा बेनकाब हो रही है। यह सरकार न्याय देने में नहीं, बल्कि आरोपियों को बचाने में सक्रिय दिख रही है। अंकिता की हत्या का सच जितना दबाया जाएगा, उतना ही जोर से उभरेगा।” वालिया ने कहा कि अंकिता भंडारी अब उत्तराखंड की हर बेटी की आवाज बन चुकी हैं और यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं, बल्कि “न्याय बनाम सत्ता के दुरुपयोग” की लड़ाई है।

कांग्रेस ने सरकार को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर निम्नलिखित मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया:
- अंकिता हत्याकांड की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच।
- सभी प्रभावशाली आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी।
- मामले से जुड़े संरक्षण देने वालों की पहचान और उन पर कार्रवाई।
पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वह सड़क से लेकर विधानसभा तक, राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज करेगी। वैभव वालिया ने कहा, “जो सरकार अपराधियों के साथ खड़ी होती है, इतिहास उसे भी अपराधी की तरह याद रखता है। अंकिता को न्याय दिलाकर रहेंगे — यह संकल्प है, समझौता नहीं।”
इस प्रदर्शन में उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी, वरिष्ठ नेता अनिल नेगी, यूथ कांग्रेस उपाध्यक्ष स्वाति नेगी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। अन्य उपस्थित नेताओं में पार्षद प्रत्याशी अमन सिंह, मोहम्मद वसीम, पार्षद एहतात खान, हेमंत उप्रेती, पीयूष जोशी, आयुष सेमवाल, अभय कत्यूर, अजय रावत, अविनाश मनी, अमित जोशी, मोहित उपाध्याय और मंजू त्रिपाठी शामिल थे।

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