वाराणसी ,18 अगस्त (आरएनएस)। भारतीय रेलवे ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए इतिहास रच दिया है। देश में पहली बार उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रेलवे पटरियों के बीच सोलर पैनल लगाकर बिजली का उत्पादन शुरू किया गया है। यह अनूठी पहल वाराणसी स्थित बनारस लोकोमोटिव वर्क्स के परिसर में की गई है, जहां ट्रैक पर लगाए गए सोलर पैनल को सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है। रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत बीएलडब्ल्यू कैंपस में 70 मीटर लंबे ट्रैक पर कुल 28 सोलर पैनल लगाए गए हैं। इन पैनलों की कुल क्षमता 15 किलोवॉट-पीक है और इनसे प्रतिदिन लगभग 67 यूनिट बिजली का उत्पादन होने का अनुमान है। इस सौर ऊर्जा संयंत्र को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुक्रवार, 15 अगस्त को शुरू किया गया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इन सोलर पैनलों को इस तरह से डिजाइन और स्थापित किया गया है कि इनसे रेल यातायात पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ट्रेनों के गुजरने के दौरान होने वाले कंपन को नियंत्रित करने के लिए पटरियों पर रबर माउंटिंग पैड लगाए गए हैं। इसके अलावा, पैनलों को स्टेनलेस स्टील के बोल्ट से कसा गया है, जिन्हें ट्रैक के रखरखाव के दौरान आसानी से खोला और हटाया जा सकता है। यह सफल प्रयोग रेलवे के लिए ऊर्जा उत्पादन का एक नया रास्ता खोल सकता है। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में इस तकनीक का विस्तार देशभर के अन्य रेलवे यार्डों और स्थिर पटरियों पर किया जा सकता है। यह कदम भारतीय रेलवे के ‘नेट जीरो कार्बन एमिशनÓ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
अब ट्रैक से पैदा होगी बिजली, देश में पहली बार पटरियों पर लगे सोलर पैनल
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