नर्सिंग एकता मंच का धरना जारी, सरकार को ‘खून भरा पत्र’ भेजकर दी चेतावनी

“मांगें नहीं मानीं तो सोमवार को सीएम आवास कूच”

देहरादून : नर्सिंग एकता मंच का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदेश के सभी जिलों से आए बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने आज एक तीखा कदम उठाते हुए सरकार के नाम एक ‘खून भरा पत्र’ लिखा, जिसमें उनकी सभी मांगों को सूचीबद्ध किया गया। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे सोमवार को मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे।

प्रमुख मांगें:

  1. नई विज्ञप्ति निरस्त हो: चल रही नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया की विज्ञप्ति को तुरंत रद्द किया जाए और भर्ती पोर्टल बंद किया जाए।
  2. पुरानी प्रक्रिया बहाल हो: भर्ती पूर्व की तरह वर्षवार (Year-wise) हो, ताकि वरिष्ठता व निष्पक्षता बनी रहे।
  3. 2500 से अधिक पद भरे जाएं: IPHS मानकों के अनुसार स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग में 2500 से ज्यादा पदों पर एक साथ नई भर्ती निकाली जाए।
  4. स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता: उत्तराखंड के मूल निवासियों को भर्ती में प्राथमिकता दी जाए और बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को इस प्रक्रिया से अलग रखा जाए।
  5. आयु सीमा में छूट: आयु सीमा पार कर चुके योग्य अभ्यर्थियों को विशेष आयु-छूट दी जाए।

आंदोलनकारियों ने जताई नाराजगी:

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है, जिससे उनका आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ‘खून भरा पत्र’ उनके इसी आक्रोश और हताशा का प्रतीक है।

मौके पर उपस्थित लोग:

इस मौके पर मंच के अध्यक्ष नवल पुण्डीर, संरक्षक विकास पुण्डीर, उपाध्यक्ष सरिता जोशी, सचिव राजेन्द्र कुकरेती, सह सचिव अनिल रमोला, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रवेश रावत के साथ-साथ कार्यकारिणी सदस्य स्तुति सती, पपेंद्र, आकाश अजीत भंडारी, मधु उनियाल, श्वेता डोभाल आदि मौजूद रहे।

सभी की निगाहें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। सोमवार तक यदि कोई ठोस हल नहीं निकला, तो आंदोलन और तेज होने की आशंका है।

यहां देखें खून से लिखा पत्र

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