देहरादून: जन संघर्ष मोर्चा द्वारा उठाई गई दो बड़ी जनसमस्याओं पर राज्य सरकार ने गंभीरता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे से मुलाकात की, जिसमें डाकपत्थर स्थित संयुक्त चिकित्सालय को संचालित करने और निजी अस्पतालों में मरीजों से हो रही लूट पर रोक लगाने की मांग रखी गई।
सचिव स्वास्थ्य ने मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुे चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही डाकपत्थर अस्पताल को संचालित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने इसके लिए आवश्यक पद सृजन और अन्य व्यवस्थाएं शीघ्र पूरी करने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। गौरतलब है कि यह अस्पताल मोर्चा के निरंतर प्रयासों के बाद कई माह पूर्व हस्तगत तो हो गया था, लेकिन अब तक इसे संचालन में नहीं लाया जा सका था।
वहीं, प्रतिनिधिमंडल ने निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों से की जा रही लूट का गंभीर मामला उठाया। श्री नेगी ने कहा कि आईसीयू और वेंटीलेटर में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से जिस तरह से मनमानी वसूली की जा रही है, उससे साफ है कि ये अस्पताल सेवा केंद्र न रहकर लूटपाट के अड्डे बन गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से आयुष्मान और गोल्डन कार्ड योजना के तहत इलाज कराने वाले गरीब मरीजों के साथ हो रही धोखाधड़ी की ओर ध्यान आकर्षित किया। नेगी ने कहा कि अगर इसकी गहराई से जांच की जाए तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आएंगे।
इस मुद्दे पर भी सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों से की जा रही लूटपाट और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए एक विजिलेंस सेल गठित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। जन संघर्ष मोर्चा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर मनमानी और लूटपाट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में भीम सिंह बिष्ट भी शामिल थे।

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