धराली/हर्षिल, 15 अगस्त। प्रकृति की अभूतपूर्व आपदा की विभीषिका झेल रहे गंगोत्री घाटी के धराली, हर्षिल और मुखबा क्षेत्र के लोगों ने अदम्य साहस और अटूट राष्ट्रप्रेम का परिचय देते हुए 79वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमा के साथ मनाया। आपदा से घायल ग्रामीणों की हिम्मत न टूट सकी और तिरंगा लहराकर उन्होंने देश की एकता और संकल्प की मिसाल पेश की।
धराली गांव के खीरगंगा तट पर सुरक्षित बचे समेश्वर देवता मंदिर प्रांगण में ग्रामीणों ने आपदा राहत कर्मियों के साथ ध्वजारोहण किया। एसडीआरएफ के आईजी अरुण मोहन जोशी ने तिरंगा फहराकर प्रभावितों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। इस अवसर पर आपदा में मृत लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। ग्रामीणों और राहत कर्मियों ने आपदा से उबरने और पुनर्निर्माण की दिशा में साझा संकल्प भी लिया।

सुबह 9 बजे हर्षिल, मुखबा और आसपास के क्षेत्रों में भी ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान गाया गया। इस अवसर पर आईटीबीपी, पुलिस बल, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा और बुजुर्ग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि भौतिक क्षति के बावजूद देशभक्ति की भावना अडिग है। स्वतंत्रता दिवस केवल आज़ादी का प्रतीक नहीं बल्कि हमारी एकजुटता, साहस और संघर्ष की जीवंत मिसाल है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के राहत व बचाव प्रयासों की सराहना की और विश्वास जताया कि जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल होगी। इस अवसर पर गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल, तहसीलदार सुरेश सेमवाल सहित अनेक अधिकारी, जवान और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।



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