देहरादून: उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने गढ़वाल मंडल के पेंशनभोगियों और लाभार्थियों के स्वास्थ्य हितों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर नाराजगी जताई है। संस्था ने नैनीताल में स्वीकृत वेलनेस सेंटर को गढ़वाल के श्रीनगर या कोटद्वार में शिफ्ट करने की मांग की है।
एसोसिएशन के एक शिष्टमंडल ने सोमवार को सीजीएचएस (केंद्रीय स्वास्थ्य योजना) के अपर निदेशक डॉ. अश्वनी कुमार सेन्यारे से जीएमएस रोड स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की और पेंशनरों से जुड़ी पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इससे पहले यह ज्ञापन गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, संयुक्त सचिव सीजीएचएस डॉ. मनाशश्वी कुमार और निदेशक सीजीएचएस डॉ. सतीश वाई. एच. को भेजा जा चुका है।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- नैनीताल के लिए स्वीकृत अनुपयोगी सीजीएचएस वेलनेस सेंटर को तुरंत गढ़वाल मंडल के श्रीनगर या कोटद्वार में स्थानांतरित किया जाए।
- हल्द्वानी वेलनेस केंद्र को वित्त मंत्रालय की स्वीकृति मिलने के बाद शीघ्र खोला जाए।
- हाथी बड़कला स्थित सर्वे डिस्पेंसरी का दून सीजीएचएस में विलय तेजी से पूरा किया जाए।
- आयुध निर्माणी अस्पताल के भवन को पट्टे पर लेकर वहां पीएंडटी कालोनी के जर्जर भवन में चल रही सीजीएचएस डिस्पेंसरी को स्थानांतरित किया जाए।
- दून सीजीएचएस से हाल ही में सेवामुक्त हुए तीन डॉक्टरों के स्थान पर योग्य डॉक्टरों की संविदा पर तत्काल नियुक्ति की जाए।
नैनीताल के चयन पर कड़ा एतराज:
एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र सेमवाल और महासचिव सुरेंद्र सिँह चौहान ने जोर देकर कहा कि बिना किसी मांग या प्रस्ताव के मंत्रालय द्वारा नैनीताल को वेलनेस सेंटर के लिए चुना जाना गढ़वाल मंडल के हजारों पेंशनरों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन वर्ष 2018 से लगातार कुमाऊं के हल्द्वानी और गढ़वाल के श्रीनगर या कोटद्वार में वेलनेस सेंटर खोलने की मांग करती रही है।
सेमवाल ने कहा, “मंत्रालय द्वारा देशभर के 21 शहरों की जो सूची जारी की गई है, उसमें हल्द्वानी का शामिल होना न्यायोचित और स्वागतयोग्य है, क्योंकि यह हमारी लंबे समय से चली आ रही मांग थी। लेकिन श्रीनगर या कोटद्वार की जगह नैनीताल को चुनना पूरी तरह से अनुचित, अन्यायपूर्ण और जनहित के विपरीत है। नैनीताल के लिए न तो किसी संगठन ने और न ही किसी सांसद ने कभी मांग रखी, न ही चयन प्रक्रिया में वहां से कोई प्रस्ताव या लाभार्थी डेटा भेजा गया था।”
हास्यास्पद और चिंताजनक है चयन
महासचिव सुरेंद्र सिँह चौहान ने बताया कि हल्द्वानी और श्रीनगर के प्रस्ताव पर मंत्रालय द्वारा मांगी गई रिपोर्ट दून सीजीएचएस के अपर निदेशक द्वारा भेजी भी गई थी, जो सार्थक थी। ऐसे में अचानक श्रीनगर की जगह नैनीताल का चयन हास्यास्पद और चिंताजनक है, जिससे गढ़वाल के पेंशनरों को गहरा आघात पहुंचा है। संगठन इसकी कड़ी निंदा करता है।
सूत्रों ने बताया कि इस विसंगति पर सीजीएचएस के अपर निदेशक डॉ. अश्वनी कुमार सेन्यारे ने भी सहमति व्यक्त की और इस मामले में प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस शिष्टमंडल में संयोजक बी. एस. नेगी, अध्यक्ष रविंद्र सेमवाल, महासचिव सुरेंद्र सिंह चौहान और वित्त सचिव अनिल उनियाल शामिल थे।

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