
“Yoga for Healthy Ageing” थीम पर उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन का भव्य आयोजन, आयुष प्रोटोकॉल के तहत हुआ योगाभ्यास
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 12वें संस्करण पर शनिवार को देहरादून में उत्तराखंड केंद्रीय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने CGHS के तीन वेलनेस केंद्रों पर एक साथ योग कार्यक्रमों का आयोजन किया। मिलन विहार, पी एंड टी कॉलोनी और सर्वे चौक – तीनों स्थलों पर बड़ी संख्या में पेंशनर्स और CGHS अधिकारी उत्साह के साथ जुटे और योगाभ्यास में भाग लिया। योग प्रशिक्षिका सुषमा मेंदोली और विमला कठैत ने आयुष मंत्रालय के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सभी प्रतिभागियों को योग के विभिन्न आसन कराए।
मिलन विहार केंद्र पर अपर निदेशक डा. अश्वनी कुमार सेन्यारे , सीएमओ डा. जानकी जंगपांगी और डा. शिवानी शर्मा की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ। डा. अश्वनी कुमार सेन्यारे ने पेंशनर्स को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के सुझाव देते हुए कहा कि योग केवल शरीर को लचीला बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन साधने का सबसे प्रभावी तरीका है। पी एंड टी कॉलोनी में डा. हिमांशु जोशी और सीएमओ डा. स्मिता रावत की मौजूदगी में योग सत्र आयोजित हुआ, जहां डा. जोशी ने आयुर्वेद और योग के अंतःसंबंध को विस्तार से समझाते हुए कहा कि दोनों को मिलाकर अपनाने से दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की राह आसान हो जाती है। सर्वे चौक केंद्र पर सीएमओ डा. प्रशांता लक्ष्मी और डा. अमन सिंह की देखरेख में योग सत्र संपन्न हुआ।


एसोसिएशन के अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी ने इस वर्ष की थीम “Yoga for Healthy Ageing” यानी स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित योग वरिष्ठ नागरिकों को शारीरिक रूप से सशक्त और मानसिक रूप से प्रसन्न रखने का सबसे कारगर उपाय है। संयोजक डा. एस. चंद्र स्वामी ने उपस्थित सदस्यों को नियमित योग करने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में एसोसिएशन के महासचिव रवींद्र दत्त सेमवाल, संरक्षक तिलक राज शर्मा, उपाध्यक्ष एच.एस. काला, पी.के. सिंह, अनिल उनियाल, राजेंद्र प्रसाद, श्रीकांत बिमल, अरविंद बहुखंडी, आर.पी. उनियाल और धर्म सिंह सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
महासचिव रवींद्र दत्त सेमवाल ने समापन पर सभी प्रतिभागियों, योग प्रशिक्षिकाओं और CGHS के चिकित्सकों का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन पेंशनर्स में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक रूप से सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखते हैं। कार्यक्रम के अंत में योग प्रशिक्षिकाओं को औषधीय वनस्पति पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया।


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