गढ़वाल, हरिद्वार और राज्यसभा सांसदों का मिला समर्थन, प्रधानमंत्री और अधिकारियों को भेजा गया पत्र
देहरादून। दून केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन ने हाथीबड़कला सर्वे डिस्पेंसरी को शीघ्र दून सीजीएचएस में विलय किए जाने की पुरजोर मांग करते हुए केंद्र सरकार और संबंधित प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर एसोसिएशन की कोर कमेटी ने आपात बैठक आयोजित कर यह निर्णय लिया कि यदि डिस्पेंसरी का जल्द विलय नहीं किया गया तो संगठन उग्र और सशक्त आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
गौरतलब है कि इस मांग को लेकर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने एसोसिएशन को सहयोग प्रदान किया है, जिसके लिए संगठन ने तीनों जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
महासचिव एस.एस. चौहान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, भारत के महासर्वेक्षक एवं वरिष्ठ IAS अधिकारी हितेश कुमार एस. मकवाना और सीजीएचएस ज़ोनल इंचार्ज डॉ. अश्विनी कुमार सेन्यारे को पत्र प्रेषित कर मामले की तात्कालिक कार्यवाही की मांग की गई है।
पत्र में बताया गया है कि हाथीबड़कला सर्वे डिस्पेंसरी में 17 कमरों का विशाल भवन, चार डॉक्टर और पूरा स्वीकृत स्टाफ होते हुए भी प्रतिदिन केवल 5 से 10 मरीज ही पहुंच रहे हैं, जिससे सरकारी संसाधनों और मानवबल का स्पष्ट दुरुपयोग हो रहा है। वहीं दूसरी ओर दून सीजीएचएस केंद्रों में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज प्रति डॉक्टर का भार है, जिससे 30 से 40 प्रतिशत बुजुर्ग बिना उपचार के लौटने को मजबूर हैं। यह स्थिति न केवल गंभीर है, बल्कि प्रधानमंत्री की “स्वस्थ जीवन, स्वस्थ राष्ट्र” की परिकल्पना के भी विपरीत है।
एसोसिएशन ने तर्क दिया कि यह डिस्पेंसरी नगर निगम क्षेत्र के भीतर आती है, और सीजीएचएस नियमों के अनुरूप इसका विलय पूर्णतः संभव, सुगम और वित्तीय भार रहित है। पूर्व में वर्ष 2013 में पीएंडटी डिस्पेंसरी तथा वर्ष 2019 में सर्वे चौक डिस्पेंसरी का भी सफलतापूर्वक दून सीजीएचएस में विलय हो चुका है।
कोर कमेटी ने सरकार से मांग की है कि व्यापक जनहित और न्याय की दृष्टि से हाथीबड़कला सर्वे डिस्पेंसरी को तुरंत सीजीएचएस में शामिल किया जाए, जिससे हजारों बुजुर्ग पेंशनर्स को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
कोर कमेटी की बैठक में अध्यक्ष आर.डी. सेमवाल, संरक्षक एन.एन. बलूनी, संयोजक बी.एस. नेगी, महासचिव एस.एस. चौहान, वित्त सचिव अनिल उनियाल एवं संयुक्त सचिव अशोक शंकर शामिल रहे।
दून केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन का पत्र यहां देखें



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