देहरादून। प्रदेशभर के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में भालू और बाघ के बढ़ते हमलों को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अगुवाई में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जैसे ही दिलाराम चौक से वन भवन के लिए मार्च किया, तभी वहां मौजूद पुलिस ने वन भवन के गेट को बंद करके कांग्रेसियों को अंदर जाने से रोक दिया।
इस दौरान गेट खोले जाने को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं एवं पुलिस में जमकर धक्का मुक्की हुई। इस बीच गेट पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा, जिसके बाद कांग्रेसी गेट खोलकर वन भवन परिसर में प्रवेश कर गए और सरकार एवं वन महकमे के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) कार्यालय का घेराव किया और कहा कि वन विभाग की लापरवाही के कारण दर्जनों लोग घायल हो रहे हैं, कई जानें जा चुकी हैं और सैकड़ों पालतू मवेशी जंगली जानवरों का निवाला बन चुके हैं।
ज्ञापन सौंपते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य के पहाड़ी इलाकों में पिछले छह महीनों से भालू और बाघ के हमले बेकाबू हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “पौड़ी और चमोली जैसे जिलों में जंगली जानवर सैकड़ों पालतू पशुओं को मार चुके हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाएँ लकड़ी, चारा और पत्ती के लिए जंगल जाने से डर रही हैं। कई लोग जान गंवा चुके हैं, अनेक घायल हैं, और वन विभाग केवल कागजी कार्रवाई में व्यस्त है।”

गोदियाल ने चेतावनी दी कि अगर विभाग ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस बड़े आंदोलन की ओर बढ़ेगी। उन्होंने आठ प्रमुख मांगें मुख्य वन संरक्षक को सौंपे ज्ञापन में रखीं—
कांग्रेस की 8 प्रमुख मांगें
- प्रभावित क्षेत्रों में भालू और बाघ की ट्रैकिंग व मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए।
- वन विभाग रात में गश्त और निगरानी तेज करे।
- गाँवों के आसपास ट्रैंक्विलाइज़र टीम और रेस्क्यू यूनिट तैनात हों।
- मानव–वन्यजीव संघर्ष से पीड़ित लोगों को तत्काल मुआवजा व उपचार सुविधा दी जाए।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता, सुरक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएँ।
- ज़रूरत वाले इलाकों में बाड़बंदी व चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जाएँ।
- वन विभाग–पंचायत–प्रशासन के बीच मजबूत समन्वय तंत्र बनाया जाए।
- संघर्ष रोकने के लिए तात्कालिक व दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए, ताकि जंगली जानवरों का बस्तियों में प्रवेश रोका जा सके।
गणेश गोदियाल ने कहा कि “यह केवल मानव–वन्यजीव संघर्ष नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन, पशुपालन और आजीविका का संकट है।” उन्होंने आशा जताई कि वन विभाग इस जन-महत्वपूर्ण मुद्दे को गंभीरता से लेकर तत्काल कदम उठाएगा।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, कोषाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा, कई पूर्व विधायक, महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह महेन्द्र सिंह नेगी, विरेन्द्र पोखरियाल, महानगर अध्यक्ष डॉ0 जसविन्दर सिंह गोगी, जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, प्रभुलाल बहुगुणा, सुरेन्द्र सिंह रांगड़, संजय शर्मा, उपेन्द्र थापली, अश्विनी बहुगुणा, ,प्रदेश पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच कांग्रेसजनों ने सरकार और वन विभाग की निष्क्रियता के खिलाफ जोरदार नारे भी लगाए।
गणेश गोदियाल के नेतृत्व में किया गया यह जोरदार प्रदर्शन सरकार और वन विभाग के लिए स्पष्ट संदेश है कि पहाड़ों में बढ़ते वन्यजीव हमलों को लेकर अब जन आक्रोश को और अनदेखा नहीं किया जा सकता।

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