फोनपे ग्रुप ने अकाउंट एग्रीगेटर बिजनेस से बाहर निकलने का किया ऐलान

नई दिल्ली । फिनटेक क्षेत्र के अग्रणी फोनपे ग्रुप ने शुक्रवार को अकाउंट एग्रीगेटर (एए) बिजनेस से बाहर निकलने का ऐलान किया। इसकी बजाय, वह बाजार में दूसरी एए कंपनियों के साथ साझेदारी करेगा।
फोनपे ग्रुप ने कहा है कि उसने हमेशा सभी भारतीयों के लिए वित्तीय समावेशन पर ध्यान केंद्रित करके उत्पाद तैयार करने की कोशिश की है, जो 2047 तक एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने के देश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी ने एक बयान में कहा, हमें विश्वास है कि अकाउंट एग्रीगेटर (एए) इकोसिस्टम को बढ़ावा देना वित्तीय समावेशन को ठीक से आगे बढ़ाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। साल 2022 तक एए इकोसिस्टम शैशवावस्था में था और शुरुआती चरण में इन्हें अपनाने वालों की संख्या भी कम थी।
जून 2023 में, फोनपे ग्रुप को अपना खुद का अकाउंट एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म बनाने और एए इकोसिस्टम के विकास में तेजी लाने में मदद करने’ के लिए अपना खुद का एए लाइसेंस मिला था।
कंपनी ने बताया, यह केवल अंतिम उपभोक्ता (बी2सी) उत्पादों के निर्माण की हमारी सामान्य रणनीति से अलग था। हमें गर्व है कि हम दो साल से भी कम समय में अपने एए प्लेटफॉर्म पर लगभग पांच करोड़ भारतीयों को पंजीकृत करने में सफल रहे हैं।
हालांकि, प्रतिस्पर्धी प्राथमिकताओं के कारण, हम अपने प्लेटफॉर्म पर जितने वित्तीय सूचना प्रदाताओं (एफआईपी) को जोडऩा चाहते थे, उतना नहीं कर पाए।
कंपनी ने बताया, अच्छी खबर यह है कि आज एए इकोसिस्टम खुद ही फल-फूल रहा है और कई अन्य कंपनियां भी बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। इसलिए, फोनपे ग्रुप ने अकाउंट एग्रीगेटर बिजनेस से बाहर निकलने का फैसला किया है, और इसकी बजाय हम बाजार में अन्य एए के साथ साझेदारी करेंगे।
तदनुसार, कंपनी ने अपना एनबीएफसी-एए लाइसेंस भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को सरेंडर करने का फैसला किया है और अपने एए परिचालन को बंद करने की पहल की है।
फोनपे ग्रुप ने कहा, हम अपने एए यूजर बेस तक जल्द ही पहुंचेंगे और उन्हें अपने निर्णय से अवगत कराएंगे तथा नियामक दिशानिर्देशों के अनुसार उनकी मदद करेंगे।

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