देहरादून | उत्तराखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत जारी टेंडरों में कथित धांधली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को PMGSY कांट्रेक्टर एसोसिएशन उत्तराखंड ने देहरादून स्थित अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए और टेंडर आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
प्रेस वार्ता में एसोसिएशन ने दावा किया कि PMGSY फेज-2 और फेज-3 के अंतर्गत जारी टेंडरों में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं की गई हैं। संगठन का आरोप है कि नेशनल रूरल रोड डेवलपमेंट एजेंसी (NRDA) की निर्धारित नियमावली की अनदेखी करते हुए चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया।
एसोसिएशन के अनुसार, कई मामलों में जिन ठेकेदारों को कार्य आवंटित किया गया, उनके दस्तावेज अपूर्ण थे तथा तकनीकी मानकों में भी गंभीर खामियां पाई गईं। इसके बावजूद नियमों को दरकिनार कर उन्हें टेंडर दे दिए गए, जो पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध बनाता है।
PMGSY कांट्रेक्टर एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष रमेश चंद्र गहतोड़ी ने कहा,
“हमारा संगठन हमेशा से प्रदेश के ठेकेदारों की आवाज़ उठाता रहा है। हम विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन यह तभी संभव है जब टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह ईमानदार और पारदर्शी हो। नियमों से समझौता कर विकास नहीं किया जा सकता।”
गहतोड़ी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई और नियमों का पालन नहीं हुआ, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय ठेकेदारों के अधिकारों की रक्षा और न्याय के लिए आवश्यकता पड़ने पर संगठन न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगा।

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