देहरादून। कांग्रेस से निष्कासित नेता और हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए तथाकथित संत प्रमोद त्यागी उर्फ प्रमोद कृष्णम द्वारा राजभवन में दिए गए बयान को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने प्रमोद कृष्णम के बयान को “झूठ का पुलिंदा” बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अपने कैंप कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए धस्माना ने कहा कि राजभवन में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में प्रमोद कृष्णम का यह दावा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ बयान देने के लिए कहा था, निहायत अनर्गल और झूठा बयान है।
“जमीन की दरकार, इसलिए सीएम के कृपापात्र बनने की कोशिश”
कांग्रेस उपाध्यक्ष धस्माना ने प्रमोद कृष्णम के बयान के पीछे छिपे कथित स्वार्थ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमोद कृष्णम मुख्यमंत्री का कृपापात्र बनने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उन्हें उत्तराखंड में अपना आश्रम बनाने के लिए सरकारी भूमि का आवंटन आसानी से हो सके।
धस्माना ने सवाल उठाया कि प्रमोद त्यागी ने यह बयान तब दिया है जब वे कांग्रेस से बाहर किए जा चुके हैं और भाजपा में शामिल हो चुके हैं, लिहाजा उनके बयान का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा की संगत में रहने वाले किसी भी नेता से कांग्रेस अब सच बात की उम्मीद नहीं करती।
भाजपा एजेंट के रूप में काम करने का आरोप
सूर्यकांत धस्माना ने प्रमोद कृष्णम के कांग्रेस में रहने के दौरान की गतिविधियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। धस्माना ने दावा किया कि प्रमोद कृष्णम कांग्रेस में रहते हुए भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच मतभेद पैदा करने का प्रयास करते रहे।
धस्माना ने कहा कि जब वे अपने प्रयासों में सफल नहीं हुए, तो उनकी असलियत सबके सामने आ गई। इसके बाद वे कांग्रेस के खिलाफ जहर उगलने लगे और अंततः भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।

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