हरिद्वार। भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की 138वीं जयंती जनपद हरिद्वार में श्रद्धा, सम्मान और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पंत पार्क और जिला कार्यालय सभागार में पंत जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
जिलाधिकारी ने किया नमन
जिलाधिकारी ने पंत जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर वक्ता और समाज सुधारक थे, जिन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पंत जी के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा जिले के खूंट गांव में हुआ था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और विधि की शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय हुए और गोपाल कृष्ण गोखले जैसे नेताओं से प्रेरित हुए।
जनकल्याण के प्रति संकल्प
जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि पंत जी के सपनों का भारत साकार करने के लिए सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा और ईमानदारी से करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

जनपद भर में कार्यक्रमों की श्रृंखला
जनपद के सभी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में पंत जी की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में नगर निगम के मुख्य नगर अधिकारी नंदकुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त दीपेंद्र सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पी.आर. चौहान, नगर मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, मुख्य वैयक्तिक अधिकारी सुदेश कुमार सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की जयंती पर जनपद हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रमों ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए नागरिकों को प्रेरित किया कि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को गंभीरता से निभाएं।

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