राजधानी में नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से पहली बार होगी रामलीला

देहरादून।देवभूमि रिहैब वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष सिंह असवाल ने कहा है कि नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से पहली बार राजधानी में रामलीला का मंचन किया जा रहा है जिसकी शुरुआत आगामी 8 अक्टूबर से की जाएगी।

शुक्रवार को परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि एसोसिएशन का पहला कदम देहरादून जनपद से शुरू हो रहा है और इसके अंतर्गत ग्राम माजरी माफी, मोहकमपुर में आगामी 8 अक्टूबर से लेकर 18 अक्टूबर तक रामलीला मंचन का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस रामलीला का विशेष आकर्षण यह रहेगा कि इसमें भाग लेने वाले कलाकार वे युवा होंगे, जो वर्तमान में राज्य के 40 नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों को एकजुट कर एक रूपरेखा में लाने तथा उन्हें नियमित रूप से संचालित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अनियमित रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों और समाज में मादक पदार्थों के वितरण करने वाले तत्वों पर रोक लगाने के लिए वह प्रशासन और समाज की सहभागिता से मिलकर कार्य करेगा। साथ ही देवभूमि उत्तराखंड में धार्मिक कार्यों को गति प्रदान कर राज्य की पौराणिक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए संस्था लगातार प्रयासरत रहेगी।

उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए भविष्य में कई कार्यक्रमों की घोषणा की, जिसेमें आध्यात्मिक गतिविधियां, खेल प्रतियोगिताएं और जागरूकता अभियान शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “नशा मुक्त देवभूमि उत्तराखंड” के स्वर्ण स्वप्न को साकार करने की दिशा में अहम योगदान देगा। आयोजन का उद्देश्य यह संदेश देना है कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र से प्रेरणा लेकर युवा समाज और राष्ट्रहित के कार्यों में ऊर्जा से जुट सकते हैं। पत्रकार वार्ता में संगठन का कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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