डोईवाला (देहरादून)। राजधानी के बंद घरों को निशाना बनाने वाले एक बेहद शातिर नकबजन गिरोह का डोईवाला पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। एसएसपी देहरादून की सटीक रणनीति और पुलिस टीम की कड़ी मशक्कत के बाद इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपी सपेरा बस्ती, हरिद्वार के निवासी हैं, जो ‘टोटके वाले नींबू-मिर्च’ बेचने के बहाने रिहायशी इलाकों की रैकी करते थे और मौका पाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि गत 14 मार्च 2026 को नकरौंदा (हर्रावाला) निवासी अमीष यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी। वादी अपने परिवार के साथ बल्लीवाला में एक शादी समारोह में गए थे, जब वे वापस लौटे तो घर के ताले टूटे मिले और सोने-चांदी के जेवरात गायब थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर कोतवाली डोईवाला में एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
पुलिस टीम ने इस ब्लाइंड केस को सुलझाने के लिए घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे लगभग 475 CCTV कैमरों का बारीकी से अवलोकन किया। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस संदिग्धों तक पहुँची। शनिवार को पुलिस ने बिंडलास रेजीडेंसी रिवर वैली (हर्रावाला) के पास से तीन अभियुक्तों—कुनाल (19), अलकित (22) और नितिन (21) को चोरी के माल के साथ दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। अभियुक्तों ने बताया कि वे भानियावाला, रानीपोखरी और हर्रावाला जैसे क्षेत्रों में नींबू-मिर्च बेचने के बहाने घूमते थे। इस दौरान वे उन घरों को चिन्हित करते थे जो बंद होते थे। शातिर चोर सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए उस समय वारदात करते थे जब सड़कों पर आवाजाही अधिक होती थी, ताकि भीड़ का हिस्सा बनकर वे पुलिस की नजरों से बच सकें। आरोपियों ने रानीपोखरी क्षेत्र में भी चोरी की एक अन्य घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई पीली धातु की अंगूठी, कान की बालियां, सफेद धातु का कमरबंद और एक चांदी का छत्र बरामद किया है। बरामद माल का संबंध डोईवाला और र रानी पोखरी में हुई चोरियों से है।
इस सफल खुलासे में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप राणा, व.उ.नि. विनोद सिंह राणा, उ.नि. विजय थपलियाल, विनय मित्तल और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इन अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की और गहराई से जांच कर रही है।

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