रिकॉर्ड बना इतिहास! CM धामी बने उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक सीएम, भाजपा ने दी बधाई

UCC, लैंड जिहाद पर वार, 3.5 लाख करोड़ निवेश, भाजपा बोली- ये है असली कीर्तिमान

1 लाख लखपति दीदी, 5 लाख तक मुफ्त इलाज, चारधाम का कायाकल्प: धामी सरकार ने हर मोर्चे पर मारी बाजी


देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वह प्रदेश में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भाजपा परिवार ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह कालखंड सिर्फ समय का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह साहसिक और युगांतरकारी निर्णयों का दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने “मुख्यसेवक” की भूमिका के साथ-साथ सेवा के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित किए हैं। इसी के चलते आज उत्तराखंड देश के लिए रोल मॉडल बनकर उभरा है।

*1. ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय
श्री भट्ट ने कहा कि धामी सरकार के कार्यकाल की सबसे बड़ी पहचान बड़े और साहसिक फैसले हैं। 

– *UCC लागू:* आजादी के 75 साल बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना। 

– *नकल विरोधी कानून:* देश का सबसे कठोर नकल निरोधक कानून बनाकर शिक्षा माफियाओं का सफाया किया गया। 

– *धर्मांतरण और दंगा रोधी कानून:* राज्य की डेमोग्राफी बदलने की साजिशों को नाकाम करने के लिए कठोर कानून लाए गए। 

– *लैंड जिहाद पर चोट:* अवैध धार्मिक कब्जों के खिलाफ युद्धस्तर पर अभियान चलाकर हजारों एकड़ सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया। 

– *भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस:* भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए IAS, IPS और IFS जैसे बड़े अधिकारियों को भी सलाखों के पीछे भेजा गया।

*2. रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य

– *रिकॉर्ड नौकरियां:* राज्य के इतिहास में पहली बार 34 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां युवाओं को दी गईं। 

– *शिक्षा:* उत्तराखंड पूर्ण साक्षर प्रदेश बना। एम्स के सैटेलाइट सेंटर के साथ सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में काम चल रहा है। 

– *स्वास्थ्य:* अटल आयुष्मान योजना के तहत हर जरूरतमंद नागरिक को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज देने वाले शुरुआती राज्यों में उत्तराखंड शामिल है।

*3. विकास और कनेक्टिविटी

– *धार्मिक पर्यटन:* पीएम मोदी के नेतृत्व में चारधाम का अभूतपूर्व विकास और सौंदर्यीकरण हुआ। हर साल तीर्थयात्रियों के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। मानसखंड मंदिर माला और आदि कैलाश को वैश्विक पहचान मिली। 

– *सड़क-रेल-हवाई:* चारधाम यात्रा मार्ग, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, हल्द्वानी और दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़कों का जाल बिछा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, जमरानी, लखवाड़-व्यासी, किसाऊ और सौंग जैसी दशकों से लंबित परियोजनाएं शुरू हुईं। राज्य के भीतर हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हुई। 

– *औद्योगिक निवेश:* 3.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर करार हुए, जिनमें से 1 लाख करोड़ के उद्योग धरातल पर उतर चुके हैं।

*4. जनकल्याण और सामाजिक सशक्तिकरण

– *महिला सशक्तिकरण:* सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% आरक्षण और राज्य आंदोलनकारियों को 10% क्षैतिज आरक्षण दिया गया। 1 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं और 3 लाख का लक्ष्य रखा गया है। 

– *गरीब कल्याण:* उज्ज्वला योजना के तहत जरूरतमंदों को हर साल 3 फ्री सिलेंडर दिए जा रहे हैं। 

– *आर्थिक प्रगति:* प्रति व्यक्ति आय में रिकॉर्ड वृद्धि, बेरोजगारी दर में राष्ट्रीय औसत से अधिक कमी और सतत विकास सूचकांकों में उत्तराखंड के अव्वल रहने से आम जनजीवन में बड़ा बदलाव आया है।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में लिए गए ये फैसले आज देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। विकास, विरासत और पहचान के मोर्चे पर उत्तराखंड ने देश में एक बड़ी लकीर खींची है।

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