देहरादून। उत्तराखंड के आवास विभाग के अंतर्गत विकास प्राधिकरणों में सीधी भर्ती से भरे जाने वाले सहायक अभियंताओं (सिविल) के पदों पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर तैनातियों को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि सिंचाई विभाग में कार्यरत तीन अधिकारियों को बिना उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) की सहमति के सीधी भर्ती वाले पदों पर समायोजित कर नियुक्ति दे दी गई, जो नियमों का उल्लंघन है।
इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता विजय वर्धन डंडरियाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया है कि सिंचाई विभाग में मूल रूप से तैनात श्री पंकज पाठक, श्री शशांक सक्सेना और श्री अभिषेक भारद्वाज को प्रतिनियुक्ति के माध्यम से विकास प्राधिकरणों में लाकर सीधी भर्ती वाले पदों पर समायोजित कर दिया गया।
डंडरियाल ने कहा कि यह प्रक्रिया न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे पारदर्शी चयन प्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगते हैं। बिना लोक सेवा आयोग की सहमति के इस तरह की नियुक्तियों से बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय हुआ है, जो सीधी भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल, विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक वक्तव्य जारी नहीं किया गया है।
यहां देखें शिकायती पत्र


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