उच्च शिक्षा समुदाय ने लेखकों को दी बधाई, छात्रों के लिए उपयोगी संसाधन बताया
देहरादून ( हमारी चौपाल) उच्च शिक्षा के दून विश्वविद्यालय स्थित रूसा (RUSA) सभागार में आज एक गरिमामय पुस्तक विमोचन समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम का केंद्र बिंदु नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार ‘Fundamental of Chemistry-I’ और ‘Chemical Analysis-I’ पुस्तकों का लोकार्पण रहा, जिनके लेखक हैं — डॉ. हरीश चंद्र अंडोला, सुरेश चंद्र अंडोला और डॉ. विपिन चंद्र जोशी। इन पुस्तकों का प्रकाशन कुणाल बुक्स, नई दिल्ली ने किया है।
कार्यक्रम में विशिष्ट उपस्थिति
- मुख्य अतिथि: प्रो. (डॉ.) एम.एस.एम. रावत — पूर्व सलाहकार, रूसा एवं पूर्व कुलपति, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय
- अति विशिष्ट अतिथि: प्रो. (डॉ.) के.डी. पुरोहित — पूर्व सलाहकार, रूसा
- वरिष्ठ शैक्षिक प्रशासनिक अधिकारी: प्रो. (डॉ.) ए.एस. उनियाल, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा; डॉ. ममता नैथानी, उपनिदेशक उच्च शिक्षा
सभी अतिथियों ने मंच से लेखकों को उनके योगदान के लिए बधाई दी और पुस्तकों को रसायन शास्त्र विषय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी संसाधन बताया।
लेखकों का आभार और संदेश
लेखकों ने दून विश्वविद्यालय की कुलपति, कुलसचिव, सह कुलसचिव, पर्यावरण एवं अन्य विभागों के डीन, विभागाध्यक्षों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों का विशेष धन्यवाद दिया। साथ ही, उच्च शिक्षा जगत की कई हस्तियों — पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, पंतनगर विश्वविद्यालय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली विश्वविद्यालय, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति एवं पूर्व कुलपतियों — के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की।
प्रकाशक और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति
पुस्तकों के प्रकाशक प्रेम सिंह बिष्ट (कुणाल बुक्स, नई दिल्ली) ने लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह की अकादमिक सामग्री विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों में — डॉ. प्रमोद डोबरियाल, डॉ. विपिन चंद्र चौबे, प्रो. गोविन्द पाठक, डॉ. दीपक कुमार सेमवाल, प्रशांत मेहता, शंकर सिंह भाटिया, जगमोहन सिंह रौतेला, अंकित पांडे, ध्रुव अंडोला और गुंजन अंडोला — ने भी अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
मुख्य वक्ताओं के विचार
मुख्य वक्ताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 पर लिखित ये दोनों पुस्तकें न केवल पाठ्यक्रम की आवश्यकताओं को पूरा करेंगी बल्कि विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक और विश्लेषणात्मक सोच के लिए प्रेरित भी करेंगी। इससे उच्च शिक्षा में विषय की गहराई और गुणवत्ता में सुधार होगा।
यह विमोचन समारोह केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह संदेश देने का माध्यम भी बना कि शिक्षा और शोध में स्थानीय योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर कैसे उभारा जा सकता है। यह आयोजन उच्च शिक्षा और अकादमिक प्रकाशन जगत के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बना।

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