देहरादून। राजधानी देहरादून के ऋषिकेश क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बसंल की संस्तुति पर शासन ने उप-निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) हरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय संबद्ध कर दिया है। उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
पिछले माह डीएम सविन बसंल ने ऋषिकेश रजिस्ट्रार कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि सब-रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में एक लिपिक अनाधिकृत रूप से रजिस्ट्रियां कर रहा था। हद तो तब हो गई जब कार्यालय में एक ‘घोस्ट’ (फर्जी) कार्मिक भी कार्यरत मिला, जिसका न तो कोई नियुक्ति पत्र था और न ही उपस्थिति पंजिका में नाम।
निरीक्षण के दौरान करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी का मामला भी उजागर हुआ। दून घाटी विशेष महायोजना-2031 के तहत आरक्षित औद्योगिक भूमि को आवासीय दरों पर दर्शाकर छोटे-छोटे भूखंडों की रजिस्ट्रियां की जा रही थीं। इससे न केवल सरकार को भारी राजस्व हानि हुई, बल्कि जमीन खरीदारों के साथ भी धोखाधड़ी की गई।
कार्यालय में वर्षों से आम जनता के मूल अभिलेख लंबित पड़े थे, जबकि नियमानुसार इन्हें 3 दिन में लौटाना अनिवार्य है। सैकड़ों विलेख अलमारियों में धूल फांक रहे थे और ‘अर्जेन्ट’ नकल के नाम पर लोगों को महीनों परेशान किया जा रहा था। डीएम ने मौके पर मौजूद फरियादियों की आपबीती सुनने के बाद इस सख्त कार्रवाई की नींव रखी।
”राजस्व हितों से खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। अन्य कार्यालयों में भी इसी प्रकार का औचक निरीक्षण और कठोर कार्रवाई की जाएगी।” — जिला प्रशासन, देहरादून

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