नई दिल्ली,21अप्रैल 2025(आरएनएस )भारतीय संस्कृति, धर्म और मर्यादा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब राजधानी के कमानी ऑडिटोरियम में 21 अप्रैल की शाम “मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम” पर आधारित एक भव्य नृत्य नाटक का मंचन हुआ। Urvashi Dance Music Art and Cultural Society द्वारा संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस अद्वितीय आयोजन में भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों को नृत्य, संगीत और भावों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे जगद्गुरु शंकराचार्य श्री राज राजेश्वरानंद जी महाराज (हरिद्वार), जिनकी उपस्थिति से पूरा सभागार आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो गया। अपने आशीर्वचनों में उन्होंने कहा, “श्रीराम भारतीय संस्कृति के शाश्वत प्रतीक हैं। उनका चरित्र जीवन को दिशा देता है। ऐसे आयोजन केवल मनोरंजन नहीं, आत्मा को जाग्रत करने वाले साधन हैं।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं उत्तराखंड सरकार की संस्कृत, कला एवं साहित्य परिषद की राज्य मंत्री तथा अखिल भारतीय सनातन परिषद की उत्तराखंड महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश संयोजक मधु भट्ट। आयोजकों ने उनका पारंपरिक रूप से भव्य स्वागत किया।
मंच से अपने उद्बोधन में मधु भट्ट ने कहा, “श्रीराम के चरित्र से हमें जीवन में मर्यादा, सेवा और कर्तव्य की प्रेरणा मिलती है। आज के समय में ऐसे सांस्कृतिक मंचन न केवल कला की सेवा करते हैं बल्कि समाज को भी दिशा प्रदान करते हैं।”
कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, वरिष्ठ विधायक सतीश उपाध्याय, भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और पद्म भूषण से सम्मानित नृत्यांगना डॉ. उमा शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
रामायण की कथा को मंच पर जीवंत करने वाले कलाकारों ने शास्त्रीय और आधुनिक नृत्य शैलियों के अनूठे समन्वय से दर्शकों का मन मोह लिया। भाव-भंगिमा, संगीत, वेशभूषा और प्रकाश प्रभाव इतना सजीव था कि दर्शकों को रामायण का युग साक्षात प्रतीत हुआ।

कार्यक्रम के अंत में दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से कलाकारों, आयोजकों और विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया।

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