साइलेंट हंटर और ‘रैम्पेज की जोड़ी : भारत की सबसे बड़ी डिफेंस डील से दुश्मनों में खलबली

नई दिल्ली ,24 अगस्त (आरएनएस)। भारत सरकार ने देश की सैन्य ताकत को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए दो बड़े रक्षा सौदों को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत भारतीय नौसेना के लिए जर्मनी के सहयोग से 70 हजार करोड़ रुपये की लागत से 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियों का निर्माण किया जाएगा, वहीं वायुसेना को इजराइल की घातक ‘रैम्पेजÓ एयर-टू-ग्राउंड मिसाइलों से लैस किया जाएगा।
‘प्रोजेक्ट 75 इंडियाÓ के तहत बनेंगी 6 पनडुब्बियां
रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट 75 इंडियाÓ के तहत मझगांव डॉकयार्ड्स लिमिटेड (रूष्ठरु) को जर्मनी के साथ मिलकर 6 उन्नत पनडुब्बियों के निर्माण के लिए बातचीत शुरू करने की मंजूरी दे दी है। यह सौदा करीब 70 हजार करोड़ रुपये का हो सकता है।
रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस महीने के अंत तक रक्षा मंत्रालय और रूष्ठरु के बीच इस प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। उम्मीद है कि अगले 6 महीनों के भीतर सौदे की सभी शर्तों पर चर्चा पूरी कर ली जाएगी और अंतिम मंजूरी मिल जाएगी। इन पनडुब्बियों की सबसे बड़ी खासियत इनका एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (्रढ्ढक्क) सिस्टम होगा, जो इन्हें लंबे समय तक पानी के नीचे रहने की क्षमता प्रदान करेगा। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य देश में पारंपरिक पनडुब्बियों के डिजाइन और निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।
वायुसेना को मिलेंगी ‘रैम्पेजÓ मिसाइलें
दूसरी बड़ी डील के तहत भारत सरकार इजराइल से ‘रैम्पेजÓ एयर-टू-ग्राउंड मिसाइलों की एक बड़ी खेप खरीदने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस खरीद के लिए ऑर्डर जल्द ही फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा।
‘रैम्पेजÓ मिसाइलें अपनी सटीकता के लिए जानी जाती हैं और लंबी दूरी से दुश्मन के बंकरों और मुख्यालयों को ध्वस्त करने में सक्षम हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन्हीं मिसाइलों का इस्तेमाल पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले करने के लिए किया गया था। इन मिसाइलों के भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने से उसकी मारक क्षमता में भारी इजाफा होगा।

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