मुख्यमंत्री आवास पर स्थापित हुआ स्मार्ट मीटर, ऊर्जा प्रबंधन में आएगा सुधार

खटीमा, 15 मार्च 2025(आरएनएस)उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) द्वारा प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खटीमा स्थित निजी आवास, तराई नगला परिसर में भी स्मार्ट मीटर की स्थापना की गई।

मुख्यमंत्री ने ली स्मार्ट मीटर की विस्तृत जानकारी

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। UPCL के अधीक्षण अभियंता शेखर त्रिपाठी ने उन्हें बताया कि यह अत्याधुनिक मीटर बिजली खपत का ऑनलाइन डेटा उपलब्ध कराता है, जिससे उपभोक्ताओं को मोबाइल एप के माध्यम से रियल-टाइम बिजली उपयोग की जानकारी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस तकनीक की सराहना करते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग, बिजली की बचत और सुगम भुगतान जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

स्मार्ट मीटर के लाभ

UPCL के प्रबंध निदेशक ने बताया कि यह योजना उपभोक्ताओं को बिजली खपत की पारदर्शी जानकारी देने के साथ-साथ बिजली चोरी रोकने में भी सहायक होगी। स्मार्ट मीटर लगाने से होने वाले प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • ऊर्जा की बचत: स्मार्ट मीटर वास्तविक समय में ऊर्जा की खपत की निगरानी करते हैं, जिससे अनावश्यक ऊर्जा खपत को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • बिलिंग में पारदर्शिता: स्वचालित रूप से खपत डेटा भेजने से अनुमानित बिलिंग की समस्या समाप्त हो जाएगी और उपभोक्ताओं को सही बिल मिलेगा।
  • बिलिंग शिकायतों में कमी: स्मार्ट मीटर से बिलिंग संबंधी शिकायतों में अप्रत्याशित कमी आएगी, जिससे उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ेगी।
  • मोबाइल ऐप पर खपत विवरण: उपभोक्ता अपने मोबाइल ऐप पर अपनी खपत का विस्तृत विवरण देख सकेंगे।
  • मीटर रीडिंग की झंझट खत्म: हर महीने मीटर रीडिंग कराने से छुटकारा मिलेगा।
  • बिजली फॉल्ट की तुरंत जानकारी: विद्युत फॉल्ट और आपूर्ति बाधित होने की तुरंत जानकारी मिलेगी।
  • सोलर लगाने पर नेट मीटर की तरह कार्य: यदि आप अपने घर में सोलर पैनल लगाते हैं, तो यही मीटर नेट मीटर की तरह कार्य करेगा।
  • मोबाइल ऐप पर लोड की जानकारी: मोबाइल ऐप पर घर में चल रहे लोड की जानकारी से बिजली की बचत के अवसरों की पहचान की जा सकेगी।
  • मुफ्त इंस्टॉलेशन: पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलने पर कोई इंस्टॉलेशन शुल्क नहीं लिया जाएगा।
    विद्युत विभाग के अनुसार, स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करेंगे और बिजली वितरण प्रणाली को अधिक कुशल बनाएंगे।

प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा है स्मार्ट मीटर नेटवर्क

उत्तराखंड में 15.87 लाख उपभोक्ताओं के घरों और ट्रांसफार्मर-फीडर स्तर पर स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने भी सभी सरकारी कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने UPCL अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता स्मार्ट मीटर अपनाने के लिए प्रेरित हों। इस अवसर पर उधम सिंह नगर जिलाधिकारी नितिन भदौरिया सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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