ऐतिहासिक गेंद मेले में पहुंचे प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना

विजेता टीमों को किया सम्मानित व पुरस्कृत
पहाड़ों का अस्तित्व महिलाओं पर निर्भर उनका सम्मान पूरे समाज की जिम्मेदारी – सूर्यकांत धस्माना

देहरादून: यम्केश्वर विधानसभा क्षेत्र के डाडामंडी में पिछले एक सौ उनपचास वर्ष से चले आ रहे ऐतिहासिक गेंद मेले में पहुंचे प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने थडिया व चौंफला में प्रतिभाग करने वाली विजेता टीमों को शाल पहनाकर व पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बड़ी संख्या में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड का अस्तित्व महिलाओं के ऊपर निर्भर है और उनकी रक्षा करना उनका सम्मान करना व उनके उत्थान के लिए कार्य करना हमारे पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

श्री धस्माना ने कहा कि आज पहाड़ के गांवों से लगातार पलायन जारी है और अफसोसनाक बात यह है कि पलायन राज्य निर्माण के बाद और ज्यादा तेजी से बड़ा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ के गांव में आज अधिसंख्य आबादी महिलाओं की है या बुजुर्गों की है और उनके सामने अनेक कठिनाइयां हैं जिनके कारण उनका जीवन यापन बहुत मुश्किलों से भरा है। कांग्रेस नेता धस्माना ने कहा कि प्रदेश को बने पच्चीस साल पूरे हो गए हैं किन्तु जिन उद्देश्यों से इस राज्य का गठन लंबे संघर्षों व बलिदानों के बाद हुआ था वे आज भी दूर की कौड़ी दिखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा स्वास्थ्य व रोजगार जैसे मौलिक मुद्दे आज भी हाशिए पर हैं और इन्हीं के अभाव व दुर्दशा के कारण पलायन रुकने की बजाय उत्तरोत्तर बढ़ रहा है। श्री धस्माना ने कहा कि राजनैतिक नेतृत्व को और सरकारों को राज्य की इन मौलिक समस्याओं पर ध्यान देना होगा और प्राथमिकता तय करनी होगी तभी प्रदेश में हम विकास की कल्पना कर सकते हैं।

प्रदेश के चर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण की चर्चा करते हुए श्री धस्माना ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण पूरे प्रदेश की नारी अस्मिता का सवाल बन गया है और पूरा प्रदेश अंकिता को न्याय दिलवाने के लिए एकजुट हो कर खड़ा हो गया है यह बात दर्शाती है कि उत्तराखंड की नारी का सम्मान और उसकी अस्मिता के साथ अब कोई समझौता नहीं हो सकता। श्री धस्माना ने कहा कि हम सब की जिम्मेदारी है कि हम अपनी बहन बेटियों का सम्मान करें व उनकी रक्षा की जिम्मेदारी भी लें।

श्री धस्माना ने गेंद मेले के एक सौ पचासवें साल में प्रवेश लेने पर क्षेत्रवासियों व आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि अगले वर्ष जब हम एक सौ पचासवें मेले के आयोजन को करेंगे तो वह ऐतिहासिक और भव्य होगा और उसमें क्षेत्र के सभी महिला मंगल दलों को वे स्वयं सम्मानित करेंगे।

राजकीय ऐतिहासिक पौराणिक गेंदमेला समिति डाडामंडी में आज ग्रामीण महिलाओं द्वारा थड़िया चौफ़ला नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसमें 19 टीमों ने भाग लिया जिसमें कीर्तन मंडली दिउसा, भेलडा छोटा , कीर्तन मंडली डाडामंडी, न्यू बोठा, रिंगवाडगांव मंडी, जयहरीखाल, सिद्धबाबा भेलड़ा, ग्राम सभा जमेली ग्राम सभा तोली ग्राम बछेली, कीर्तन मंडली भेलड़ा मल्ला, कीर्तन मंडली जमेली ग्राम पाली,पलाश,भोले बाबा कीर्तन मंडली भेलड़ा ने भाग लिया जिसमें प्रथम न्यू बोठा द्वितीय कीर्तन मंडली भेलड़ा मल्ला और तृतीय स्थान पर ग्राम बछेली रहे।

आज के अति विशिष्ट अतिथि कोटद्वार के मेयर शैलेन्द्र रावत ने मेले के आयोजन के लिए समिति को बधाई देते हुए कहा कि हमारे कौथिग हमारे मेले हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि हम को अपनी बोली भाषा व संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। विशिष्ट अतिथि के रूप में सीता चौहान, संजीव चौहान, रुचि केन्त्यूरा, शांति प्रसाद भट्ट उपस्थित रहे।गेंदमेला समिति अध्यक्ष ओम प्रकाश तिवारी उपाध्यक्ष रोशनी देवी, सचिव किशन सिंह चौधरी, कोषाध्यक्ष हरेंद्र सिंह रावत सह सचिव मुकेश बड़थ्वाल, सतीश देवरानी, आशीष तिवारी, दीपक चौहान, नरेश देवरानी, विजयमान बिष्ट, सुरेंद्र सिंह आर्य, रोशन रावत, अर्जुन सिंह नेगी, प्रवासी भारतीय सतीश काला आदि का सहयोग रहा।

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