देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी के आह्वान पर सोमवार को प्रदेशभर में एक घण्टे की गेट मीटिंग आयोजित की गई। इस दौरान मुख्यालय देहरादून सहित सभी जिलों में कर्मचारियों ने शासन स्तर पर विभागीय स्ट्रक्चर और एसटीओ नियमावली पर कार्रवाई न होने के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रांतीय अध्यक्ष श्री नेगी ने कहा कि यदि 15 जनवरी तक शासन स्तर से कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो 16 जनवरी से प्रदेशभर में प्रतिदिन एक घण्टे की गेट मीटिंग के साथ चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों का स्ट्रक्चर उनके अनुकूल नहीं हुआ तो एसोसिएशन संयुक्त परिषद के साथ मिलकर कार्य बहिष्कार आंदोलन करेगा।
नेगी ने बताया कि 8 दिसम्बर को विभागीय कर्मचारियों का स्ट्रक्चर वित्त अनुभाग-08 में भेजा गया है, जिसमें बड़ी संख्या में पदों में कटौती की सूचना मिल रही है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के हितों के विपरीत बताते हुए अस्वीकार्य कहा।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि वर्ष 2006-07 के बाद से विभागीय कर्मचारियों के ढांचे का पुनर्गठन नहीं किया गया है, जबकि अधिकारियों के संवर्ग में दो चरणों में कुल 126 नये पद सृजित किए जा चुके हैं। वर्तमान में अधिकारियों के 481 पद स्वीकृत हैं, जबकि कर्मचारियों की संख्या 777 पर ही अटकी हुई है।
गौरतलब है कि राज्य कर विभाग का राजस्व योगदान प्रदेश के कुल राजस्व का 50 प्रतिशत से अधिक है। जीएसटी लागू होने के बाद पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 1 लाख से बढ़कर 2 लाख 13 हजार तक पहुँच गई है, जिससे कर्मचारियों पर कार्यभार कई गुना बढ़ गया है।
गेट मीटिंग में प्रांतीय अध्यक्ष श्री नेगी के साथ प्रांतीय संरक्षक भरत सिंह राणा, शाखा मुख्यालय सलाहकार भूपेन्द्र सिंह भण्डारी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष ज्योति पटवाल, शाखा मंत्री पिंकेश रावत, अनुज जैन, अनुराग असवाल, अरविन्द्र चौहान, विकास रावत, विपिन डंगवाल, राजेन्द्र जोशी, नैन सिंह पंवार, बलवीर नेगी, अमित कोठारी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

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