सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलने लगी नई किताबें — वितरण कार्य तेज़ी से जारी

देहरादून,04अप्रैल 2025 : उत्तराखंड के सरकारी और अशासकीय स्कूलों में अध्ययनरत छात्रों के लिए राहतभरी खबर है। राज्य में लंबे समय से प्रतीक्षित निशुल्क पाठ्यपुस्तकों की पहली खेप अब जिलों तक पहुंचने लगी है। देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, उधम सिंह नगर, नैनीताल सहित कुछ प्रमुख जिलों में किताबों का वितरण कार्य आरंभ हो चुका है। इससे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।

शिक्षा मंत्री ने दिए सख्त निर्देश
राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस विषय पर गंभीरता दिखाते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी जिलों में छात्रों की संख्या के अनुसार आवश्यक विषयों की किताबें शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि छात्रों की पढ़ाई में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आनी चाहिए और समय रहते सभी को किताबें मिलनी चाहिएं।

प्रकाशन में फिर हुई देरी
गौरतलब है कि इस वर्ष भी पुस्तकों के प्रकाशन की प्रक्रिया काफी विलंब से शुरू हुई, जिससे समय पर वितरण में बाधा उत्पन्न हुई। हालांकि विभाग ने इस बार एहतियान कदम उठाते हुए किताबों को किस्तों में मंगाना शुरू कर दिया है, ताकि जिन जिलों में किताबें पहुंच रही हैं, वहां तुरंत वितरण किया जा सके।

चरणबद्ध तरीके से हो रहा है वितरण
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने जानकारी दी कि किताबों की छपाई और आपूर्ति कार्य चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। विभाग का प्रयास है कि इस शैक्षणिक सत्र की संपूर्ण मांग के अनुसार किताबों की आपूर्ति जल्द से जल्द पूरी की जाए। जब तक सभी विषयों की नई किताबें उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक छात्रों को बुक बैंक में संचित पुरानी किताबें प्रदान की जा रही हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

80 लाख से अधिक किताबों की आवश्यकता
इस वर्ष राज्य के सरकारी और अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए लगभग 80.21 लाख किताबों की आवश्यकता है। इतनी बड़ी संख्या में किताबों की छपाई और वितरण अपने आप में एक बड़ा कार्य है, जिसे विभाग पूरी तत्परता से अंजाम दे रहा है।

छात्रों और अभिभावकों में उत्साह
किताबें मिलने से छात्रों में पढ़ाई को लेकर उत्साह बढ़ा है। अभिभावक भी सरकार के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं, क्योंकि किताबों की अनुपलब्धता के कारण बच्चों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही थी। अब उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ हफ्तों में शेष जिलों तक भी किताबें पहुंच जाएंगी और सभी छात्रों को समय पर अध्ययन सामग्री मिल सकेगी।

यदि आप चाहें तो मैं इस समाचार का छोटा संस्करण, पोस्टर या सोशल मीडिया के लिए संक्षिप्त रूप भी तैयार कर सकता हूँ।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments