सूरजमल नर्सिंग कॉलेज के छात्रों को 6 माह से नहीं मिली डिग्री, कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, कहा—छात्रों का भविष्य नहीं होने देंगे चौपट

किच्छा। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने किच्छा के एसडीएम गौरव पांडे से मुलाकात कर राज्य आंदोलनकारियों को चिन्हित करने और उन्हें भूमि का पट्टा दिए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही उन्होंने किच्छा स्थित सूरजमल नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों को पिछले छह माह से डिग्री न दिए जाने के विरोध में भी एसडीएम को अलग से ज्ञापन दिया।

धीरेंद्र प्रताप कॉलेज ऑफ नर्सिंग में राहुल गांधी के “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के सिलसिले में पहुंचे थे। इस दौरान वे सबसे पहले विद्यार्थियों के बीच गए और करीब एक घंटे तक उनके साथ धरने पर बैठे। इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी विनोद घड़ियाल, जानकी प्रसाद, सुमन सागर आदि नेता भी मौजूद रहे।

छात्रों के नेता गुरु लाल सिंह ने धीरेंद्र प्रताप के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि किस तरह सूरजमल इंस्टीट्यूट के मालिकों द्वारा उनका शोषण किया जा रहा है और उनका भविष्य चौपट हो गया है। इस मौके पर विद्यार्थियों ने सूरजमल इंस्टीट्यूट के मालिकों के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना भविष्य बचाने की मांग उठाई।

धीरेंद्र प्रताप ने विद्यार्थियों की दुर्दशा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस समय छात्रों को अच्छी नौकरियों में जाना चाहिए था या उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ना चाहिए था, उस समय सूरजमल कॉलेज ऑफ नर्सिंग को उचित मान्यता न मिलने के कारण छात्रों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही देहरादून में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मिलकर विद्यार्थियों की मांगों को सरकार के सामने रखेंगे और उनके भविष्य को डूबने से बचाने की अपील करेंगे।

धीरेंद्र प्रताप जब कॉलेज ऑफ नर्सिंग पहुंचे तो सूरजमल कॉलेज के मालिकों ने वहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। इसकी कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को न्याय देने के बजाय प्रबंधन ने पैसा और समय खर्च कर पुलिस बुलाने का काम किया, जबकि विद्यार्थियों ने पैसा खर्च करके, समय लगाकर और परीक्षाएं पास करके डिग्री पाने का हक हासिल किया है। उन्होंने कहा कि सूरजमल इंस्टीट्यूट के मालिक बच्चों को डराने-धमकाने में लगे हैं, लेकिन न वे, न विद्यार्थी और न ही कांग्रेस के नेता इससे डरने वाले हैं। उन्होंने प्रबंधन से अपील की कि वह बच्चों को डराने-दबाने के बजाय उन्हें जल्द डिग्री दिलाने की दिशा में अपना समय लगाए।

इसके बाद धीरेंद्र प्रताप राज्य आंदोलनकारी अनिल जोशी के आवास पर गए, जहां उन्होंने हाल ही में कैंसर से असामयिक निधन को प्राप्त हुए उनके युवा भाई के परिजनों से मिलकर शोक व्यक्त किया।

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