

रुद्रपुर-पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज मान्यता विवाद, कांग्रेस बोली- स्वास्थ्य मंत्री दें इस्तीफा
मेडिकल काउंसलिंग शुरू, पर मान्यता पर अनिश्चितता बरकरार
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने रुद्रपुर और पिथौरागढ़ राजकीय मेडिकल कॉलेजों की मान्यता को लेकर बनी अनिश्चितता पर प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि राज्य में मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन इन दोनों कॉलेजों को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) से मान्यता मिलने की स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री लंबे समय से इन कॉलेजों को लेकर दावे करते रहे, जबकि जमीनी स्तर पर इन अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और बुनियादी ढांचे की खामियां बनी हुई हैं, जिससे NMC के मानकों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने कहा, “नीट काउंसलिंग शुरू होने के बावजूद छात्र असमंजस में हैं कि इन कॉलेजों को अपनी चॉइस लिस्ट में शामिल करें या नहीं। मान्यता न मिलने की स्थिति में छात्रों का पूरा साल बर्बाद हो सकता है।” उन्होंने प्रदेश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के अन्य राज्यों के महंगे निजी कॉलेजों का रुख करने की आशंका भी जताई।
कांग्रेस प्रवक्ता ने स्वास्थ्य मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की और सरकार से मान्यता की वास्तविक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक NMC से अंतिम मंजूरी नहीं मिलती, तब तक काउंसलिंग में छात्रों के लिए एक सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
डॉ. सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 24 घंटे के भीतर स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेगी। इस मामले पर स्वास्थ्य विभाग या शासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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