मुंबई ,17 अपै्रल। फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी के शेयर की कीमत में इस साल अब तक 38 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। स्टॉक के कमजोर प्रदर्शन की वजह नुकसान बढऩा और अधिक प्रतिस्पर्धा के चलते मार्जिन पर दबाव बढऩा है।
निफ्टी में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी के मुकाबले स्विगी का शेयर मंगलवार को 0.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 334.5 रुपए पर सपाट बंद हुआ। यह दिखाता है कि शेयर को लेकर बाजार में सेंटीमेंट सकारात्मक नहीं है।
बीते छह महीने में स्विगी के शेयर में 26.64 प्रतिशत की गिरावट हुई है। वहीं, बीते एक महीने में इसका शेयर 6.05 प्रतिशत कमजोर हुआ है।
हालांकि, बीते पांच कारोबारी सत्रों में स्विगी के शेयर में 4.29 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, लेकिन व्यापक रुझान नकारात्मक बना हुआ है।
बैंक ऑफ अमेरिका (बोफा) ने स्विगी को डाउनग्रेड कर अंडरपरफॉर्म की रेटिंग दी है। साथ ही टारगेट प्राइस को 420 रुपए से घटाकर 325 रुपए कर दिया है।
ब्रोकरेज फर्म ने फूड डिलीवरी सेगमेंट में धीमी वृद्धि और क्विक कॉमर्स सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को प्रमुख जोखिम बताया।
बोफा ने कहा कि भारी छूट देने वाली नई कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और अधिक मार्केटिंग के कारण निकट भविष्य में स्विगी के मुनाफे पर असर पडऩे की संभावना है।
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि इस बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा के कारण मार्केटिंग खर्च में इजाफा हो सकता है और प्लेटफॉर्म पर अधिक छूट ऑफर कर सकता है और उपभोक्ताओं के लिए डिलीवरी शुल्क में कमी आ सकती है।
विश्लेषकों का कहना है कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि फूड डिलीवरी से होने वाला मुनाफा, जो कभी एक स्थिर स्रोत था, अब क्विक कॉमर्स में होने वाले घाटे को कवर करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
विश्लेषकों ने कहा कि क्विक कॉमर्स कारोबार का ब्रेकइवन तक पहुंचना अभी मुश्किल है।
वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने 799 करोड़ रुपए का नुकसान दर्ज किया था। इसमें पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले उसका घाटा 39 प्रतिशत बढ़ा है।
बढ़ते नुकसान और धीमी होती ग्रोथ से स्विगी के शेयर इस साल 38 प्रतिशत लुढक़े
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