ICC केंद्र में समर कैंप लगाने का सुझाव, छात्रा की आत्महत्या पर जताई चिंता: डॉ. गीता खन्ना
देहरादून। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. गीता खन्ना ने सोमवार को साधु राम विद्यालय और वहाँ संचालित इंटेंसिव केयर सेंटर (ICC) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहाँ उन्होंने आईसीसी केंद्र के कार्यों की सराहना की, वहीं विद्यालय की लाइब्रेरी की बदहाली और परिसर में फैली निर्माण सामग्री को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की।
साधु राम विद्यालय के निरीक्षण के दौरान डॉ. खन्ना तब हैरान रह गईं जब उन्होंने लाइब्रेरी की पुस्तकों को सीलन और दीमक से बर्बाद होते देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि जो पुस्तकें उपयोगी हैं, उन्हें तत्काल पुनर्वास केंद्र स्थानांतरित किया जाए और जर्जर हो चुकी पुस्तकों को हटाया जाए। उन्होंने विद्यालय परिसर के बाहर पड़ी निर्माण सामग्री को बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताते हुए उसे 48 घंटे के भीतर हटाने के आदेश दिए।
अध्यक्षा ने विद्यालय के ऑब्जर्वर को निर्देशित किया कि वे पूर्व छात्रों और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक कर इस प्रतिष्ठित संस्थान का पुनरुद्धार सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह शहर का एक प्राचीन संस्थान है, जिसने कई बड़ी हस्तियों को शिक्षित किया है, इसे इस हाल में नहीं छोड़ा जा सकता।

इससे पूर्व, डॉ. खन्ना ने इंटेंसिव केयर सेंटर (ICC) की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने जिलाधिकारी के निर्देशन में टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए सुझाव दिया कि यहाँ समर कैंप आयोजित किया जाए, जिसमें वंचित वर्ग के बाहरी बच्चों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने बच्चों के लिए पाठ्यक्रम के अतिरिक्त उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध कराने और दीवारों व परिसर को स्वच्छ रखने के निर्देश दिए।
विकासनगर के सेंट मेरी विद्यालय की कक्षा 10 की छात्रा द्वारा आत्महत्या की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए डॉ. गीता खन्ना ने अभिभावकों से अपील की। उन्होंने कहा, “आज के समय में माता-पिता को बच्चों के साथ अधिक समय बिताना चाहिए। बच्चों की भावनाओं को समझना और उनके मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील होना अनिवार्य है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।”
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई से संपूर्णा भट्ट, कविता पांडे एवं अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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