देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून में 36वें सड़क सुरक्षा माह का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वर्ष की थीम “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” है, जिसका उद्देश्य आम जनता को यातायात नियमों का पालन कर जीवन की रक्षा करने का संदेश देना है।
कार्यक्रम में SSP देहरादून ने बताया कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतें चिंताजनक स्तर पर हैं। वर्ष 2025 में हेलमेट न पहनने के कारण लगभग 29 हजार मौतें हुईं, जिनमें 66 प्रतिशत मृतक 18 से 34 वर्ष की आयु के थे। उत्तराखंड में भी दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जहां हर तीन मिनट में एक व्यक्ति सड़क हादसे में जान गंवाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, 90 प्रतिशत दुर्घटनाएं मानवीय लापरवाही जैसे रैश ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग, गलत ओवरटेक, ओवरलोडिंग और शराब पीकर गाड़ी चलाने से होती हैं।

दून पुलिस द्वारा वर्ष 2025 में यातायात उल्लंघनों पर व्यापक अभियान चलाया गया। पुलिस ने 2,05,224 चालान काटे, जो वर्ष 2024 के 1,44,844 चालानों से 50 प्रतिशत अधिक है। ओवरस्पीडिंग में 8,940, ड्रंक एंड ड्राइव में 5,308, रैश ड्राइविंग में 2,983 और ओवरलोडिंग में 1,685 मामलों में कार्यवाही हुई। इस अभियान का असर दिखा, जहां वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में मौतों में 29 प्रतिशत कमी आई।
पुलिस ने युवाओं पर विशेष फोकस रखते हुए उन्हें जागरूक किया, जिसमें उनके परिजनों को भी सूचित किया गया। रैली पुलिस लाइन रेसकोर्स से नेगी तिराहा, दामिनी चौक होते हुए वापस लौटी, जहां पुलिसकर्मियों ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से यातायात नियमों की जानकारी दी। रैली में पुलिस अधीक्षक यातायात, क्षेत्राधिकारी यातायात और एनसीसी कैडेट शामिल थे।

36वां सड़क सुरक्षा माह 16 जनवरी से 14 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान स्कूलों में कार्यशालाएं, ऑनलाइन प्रतियोगिताएं (mybharat-gov.in पर), सार्वजनिक स्थानों पर बैनर, विशेष चेकिंग अभियान (ओवरस्पीड, बिना हेलमेट, तीन सवारी), व्यवसायिक वाहनों का नेत्र परीक्षण, गुड समेरिटन और हिट एंड रन पर जागरूकता जैसे कार्यक्रम होंगे। पुलिस का लक्ष्य दुर्घटनाओं में और कमी लाना है।

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