गोविन्दघाट से हेमकुण्ड साहिब और फूलों की घाटी को जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त

चमोली (उत्तराखंड),05 मार्च (आरएनएस)। सीमांत जिला मुख्यालय चमोली के चाइना बॉर्डर पर गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब जाने वाला पुल भूस्खलन से ध्वस्त हो गया है. बुधवार सुबह गोविंदघाट में हेमकुंड साहिब व फूलों की घाटी जाने वाला मुख्य पुल चट्टान का बड़ा हिस्सा टूटकर गिरने से ध्वस्त हो गया है. पुल ध्वस्त होने से पुलना, घांघरिया, भ्यूंडार, हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद हो गई है. वहीं दर्जनों वाहन अलकनंदा नदी के उस पार फंसे गए हैं.
चमोली जनपद के गोविंदघाट में हेमकुंड साहिब को जोडऩे वाला एक मात्र मोटर पुल भूस्खलन से ध्वस्त हो गया है. बताया जा रहा है कि पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरने से पुल को काफी नुकसान पहुंचा है. पुल क्षतिग्रस्त होने से पुलना, लोकपाल घाटी का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय समेत देश दुनिया से कट गया है.
बताते चलें कि गोविंदघाट गुरुद्वारे के समीप अलकनंदा नदी के ऊपर ये ब्रिज बना था. पुल ध्वस्त होने से भ्यूडार-पुलना गांव का संपर्क भी जोशीमठ से कट गया है. घटना की सूचना पर एसडीएम जोशीमठ चंद्र शेखर वशिष्ट गोविंदघाट पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. वहीं गोविंदघाट से पुलना तक की पैदल आवाजाही भी फिलहाल ठप हो गई है. वहीं गोविंदघाट से घांघरिया को जोडऩे वाला ये मोटर पुल काफी अहम है.
बता दें कि साल 2015 इस मोटर पुल का निर्माण किया गया था. पुल हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और कागभुसंडी जैसे ट्रैकिंग व धार्मिक स्थलों को जोड़ता था. वहीं 25 मई को सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने हैं. ऐसे में पुल के ध्वस्त होने से परेशानी खड़ी हो सकती हैं. वहीं पुल ध्वस्त होने से दर्जनों वाहन अलकनंदा नदी के उस पार फंसे गए हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पहाड़ी से भूस्खलन हुआ चारों ओर अंधेरा हो गया. कुछ पता ही नहीं चल पाया कि क्या हो रहा है और कुछ ही पलों में पूरा पुल क्षतिग्रस्त हो गया. पुल क्षतिग्रस्त होने से आसपास के गांवों की आवाजाही बाधित हो गई है. भूस्खलन से पहाड़ी से काफी ज्यादा पत्थर गिरे हैं.

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments