आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में योग, संगीत और खेल के जरिये बच्चों को शिक्षा की ओर मोड़ने की पहल
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई देहरादून की त्रैमासिक बैठक ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में “भिक्षा से शिक्षा और आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर” के तहत सड़क पर भटकते बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की दिशा में प्रशासन की स्वर्णिम पहल की समीक्षा की गई।
डीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से शुरू हुई यह पहल सड़क पर भिक्षा करने वाले और असहाय बच्चों को योग, संगीत, खेल और गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। अब तक 82 बच्चों को रेस्क्यू कर विभिन्न स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है। साधूराम इंटर कॉलेज में डेढ़ करोड़ की लागत से आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर का निर्माण किया जा रहा है।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बालगृहों में रह रहे बच्चों का आधार और अन्य सरकारी दस्तावेज समयबद्ध बनाए जाएं। पुलिस को बालगृहों में कार्यरत कार्मिकों का रैंडम सत्यापन करने के निर्देश दिए गए, जबकि स्वास्थ्य विभाग को आरबीएसके टीम भेजकर 10 दिन में बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराने को कहा गया।

उन्होंने नगर निगम और पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय कर मिशन वात्सल्य गाइडलाइन के तहत अनटाइड अनुदान का 5 प्रतिशत हिस्सा बच्चों के कल्याण पर व्यय करने निर्देश दिए। गैर-पंजीकृत संस्थाओं को जेजे एक्ट के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करने के आदेश भी दिए गए।
डीएम ने कहा कि बालभिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के रेस्क्यू के लिए विशेष अंतरविभागीय टीम और तीन रेस्क्यू वाहनों की व्यवस्था की गई है। अब तक 70 भिक्षावृत्ति और 14 बाल श्रम में संलिप्त बच्चों को कराए गए बचाव अभियान के तहत पुनर्वास दिलाया गया है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एडीएम के.के. मिश्रा, सीईओ विनोद कुमार, डीपीओ मीना बिष्ट, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष नमिता ममगाईं, पुलिस अधिकारी और विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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