देहरादून(आरएनएस)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा तथा भैया दूज की शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा है कि धनतेरस आरोग्यता के देव भगवान धन्वंतरि की पूजा का पर्व है। भगवान धन्वंतरी हम सबके जीवन में सुख-समृद्धि एवं आरोग्यता प्रदान करें इसकी उन्होंने कामना की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली के पावन पर्व को सुख, समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक बताते हुए सभी प्रदेशवासियों को दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश जी के आशीर्वाद से हम सभी के जीवन में सुख समृद्धि, शांति एवं आरोग्यता का संचार हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली का यह पर्व केवल रोशनी, उत्साह और आनन्द का ही नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का भी प्रतीक है। दीपावली राष्ट्रीय अस्मिता और गौरव का भी पर्व है। प्रकाश का यह पर्व हम सब के जीवन में धन, वैभव, यश, ऐश्वर्य और संपन्नता लेकर आये इसकी भी मुख्यमंत्री ने कामना की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली का पर्व सत्य, सद्भावना एवं मर्यादा का भी संदेश देता है। दीपों का यह पर्व भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के पश्चात वापस अयोध्या आने से भी जुड़ा है। दीपावली का पर्व बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक भी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गोवर्धन पूजा समाज एवं देश की आर्थिक एवं सांस्कृतिक संसाधनों के संरक्षण का प्रतीक है। भैया दूज के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों, विशेष रूप से महिलाओं को बधाई व शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व भाई-बहनों के आपसी प्रेम, मातृ शक्ति के सम्मान के साथ परिवार एवं समाज में उनके महत्व को भी प्रदर्शित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं स्वदेशी अपनाओं देश बचाओं के मंत्र को आत्मसात करते हुए स्वदेशी व स्थानीय उत्पादों के प्रचार एवं प्रसार को हम सभी अधिक से अधिक बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की पूर्ति में भी अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद से स्थानीय शिल्प, कुटीर उद्योग और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी सीधा लाभ मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के कारीगरों की परंपरा और कौशल अत्यंत समृद्ध है। मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री, जैविक उत्पाद और पहाड़ी खाद्य पदार्थ न केवल स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय हैं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से इस दीपावली पर्व पर स्वदेशी उत्पादों से अपने घरों को रोशन करने की अपेक्षा की ताकि किसी अन्य परिवार के घर में भी खुशियों के दीप जल सकें।
मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा एवं भैया दूज की शुभकामनाएँ
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page

Recent Comments