देहरादून का ‘बंटी-बबली’ ठगी कांड: परिवार हुआ बेघर, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
देहरादून: उत्तराखंड में ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ देहरादून के एक दंपति, अंकित रावत और पूजा चमोली पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। पीड़ितों का कहना है कि इस ‘बंटी-बबली’ जोड़ी ने धोखे से उनका पैतृक मकान बेच दिया, जिससे एक परिवार बेघर हो गया।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता में, पीड़ित परिवारों ने अपनी आपबीती सुनाई और मीडिया से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि अंकित रावत और पूजा चमोली ने उनके भरोसे का फायदा उठाकर चालाकी से उनका घर बेच दिया और ₹1.35 करोड़ हड़प लिए। इससे पूरा परिवार सड़क पर आ गया।
कई लोग बने शिकार:
यह अकेला मामला नहीं है। पूर्व सैनिक राकेश बहुगुणा ने भी बताया कि इस दंपति ने उनके और उनके पिता के साथ भी ₹6 करोड़ की ठगी की है। इसके अलावा, गढ़ी कैंट इलाके में कई दुकानदार भी इनकी धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।
ऐसे में पीड़ित व्यक्ति दर-दर भटकने पर मजबूर है। उसका कहना है कि “बच्चे भूखे हैं, जेब में पैसा नहीं और अब रहने के लिए घर भी नहीं बचा।” पीड़ित परिवार न्याय की आस लगाए लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहा है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
राजनीतिक संरक्षण का आरोप:
पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का एक नेता, अंकित सुंद्रियाल, इन आरोपियों को लगातार संरक्षण दे रहा है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि सुंद्रियाल की बड़े नेताओं तक पहुँच होने के कारण अंकित रावत उन्हें कॉलेज के गुंडों से धमकी भी दिलवाता है।
पुलिस की ‘उदासीनता’ पर सवाल:
प्रेस वार्ता में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद दून पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। पुलिस ने इसे ‘सिविल विवाद’ बताकर और मामला अदालत में लंबित होने का हवाला देकर कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया है।
पीड़ित परिवार, जिसके पास न पैसा बचा है और न ही रहने को घर, न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। उनकी दयनीय स्थिति पर सवाल उठते हैं कि जब अपराधी और ठगी की रकम खुलेआम बताई जा रही है, तो पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?
इस संयुक्त प्रेस वार्ता में राकेश चंद्र बहुगुणा, जगदीश प्रसाद बहुगुणा, परमीत सिंह, अमृता चटवाल, अभिषेक पारिख और अन्य कई पीड़ित मौजूद थे। फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय के लिए न्यायालय की शरण में है, लेकिन धीमी न्यायिक प्रक्रिया ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
देहरादून का ‘बंटी-बबली’ ठगी कांड: परिवार हुआ बेघर, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
देहरादून: उत्तराखंड में ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ देहरादून के एक दंपति, अंकित रावत और पूजा चमोली पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। पीड़ितों का कहना है कि इस ‘बंटी-बबली’ जोड़ी ने धोखे से उनका पैतृक मकान बेच दिया, जिससे एक परिवार बेघर हो गया।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता में, पीड़ित परिवारों ने अपनी आपबीती सुनाई और मीडिया से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि अंकित रावत और पूजा चमोली ने उनके भरोसे का फायदा उठाकर चालाकी से उनका घर बेच दिया और ₹1.35 करोड़ हड़प लिए। इससे पूरा परिवार सड़क पर आ गया।
कई लोग बने शिकार:
यह अकेला मामला नहीं है। पूर्व सैनिक राकेश बहुगुणा ने भी बताया कि इस दंपति ने उनके और उनके पिता के साथ भी ₹6 करोड़ की ठगी की है। इसके अलावा, गढ़ी कैंट इलाके में कई दुकानदार भी इनकी धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।
राजनीतिक संरक्षण का आरोप:
पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का एक नेता, अंकित सुंद्रियाल, इन आरोपियों को लगातार संरक्षण दे रहा है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि सुंद्रियाल की बड़े नेताओं तक पहुँच होने के कारण अंकित रावत उन्हें कॉलेज के गुंडों से धमकी भी दिलवाता है।
पुलिस की ‘उदासीनता’ पर सवाल:
प्रेस वार्ता में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद दून पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। पुलिस ने इसे ‘सिविल विवाद’ बताकर और मामला अदालत में लंबित होने का हवाला देकर कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया है।
पीड़ित परिवार, जिसके पास न पैसा बचा है और न ही रहने को घर, न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। उनकी दयनीय स्थिति पर सवाल उठते हैं कि जब अपराधी और ठगी की रकम खुलेआम बताई जा रही है, तो पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?
इस संयुक्त प्रेस वार्ता में राकेश चंद्र बहुगुणा, जगदीश प्रसाद बहुगुणा, परमीत सिंह, अमृता चटवाल, अभिषेक पारिख और अन्य कई पीड़ित मौजूद थे। फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय के लिए न्यायालय की शरण में है, लेकिन धीमी न्यायिक प्रक्रिया ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

Recent Comments