शिक्षित युवाओं की ऊर्जा ही राष्ट्र निर्माण का मुख्य आधार: डॉ. अनिल वर्मा

तपोवन में डीबीएस कॉलेज की छात्राओं का सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर शुरू

देहरादून। रायपुर स्थित वैदिक साधन आश्रम, तपोवन नालापानी में डीबीएस (पी.जी.) कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की इकाइयों का सात दिवसीय विशेष वार्षिक शिविर शुक्रवार को भव्य रूप में शुरू हुआ। शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं यूथ रेडक्रॉस सोसाइटी के मुख्य आपदा प्रबंधन अधिकारी रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा, विशिष्ट अतिथि सचिव ई. प्रेम प्रकाश शर्मा और प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. अनिल पाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिविर में कॉलेज की यूनिट 19 और 20 की लगभग 100 छात्राएं प्रतिभाग कर रही हैं।

छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि एनएसएस का मूल उद्देश्य युवाओं की अपार ऊर्जा को रचनात्मक और सामाजिक कार्यों की ओर मोड़ना है। उन्होंने ‘जेन जी’ (Gen Z) के दौर में युवाओं के सही मार्गदर्शन पर जोर देते हुए कहा कि वैश्विक युद्धों और प्राकृतिक आपदाओं के दौर में प्रशिक्षित युवा शक्ति ही समाज और राष्ट्र की सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच है। उन्होंने छात्राओं से शिविर के दौरान आपदा प्रबंधन, अग्नि शमन और प्राथमिक चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रशिक्षण को पूरी संजीदगी से सीखने का आह्वान किया, ताकि वे भविष्य में समाज कल्याण की सेवाओं में अग्रणी भूमिका निभा सकें।

वैदिक साधन आश्रम के सचिव ई. प्रेम प्रकाश शर्मा ने युवाओं को अपनी क्षमताओं का उपयोग निःस्वार्थ भाव से राष्ट्रहित में करने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए ब्रह्मचर्य के महत्व पर चर्चा करते हुए शारीरिक और मानसिक विकास के सूत्र भी बताए। शिविर अध्यक्ष व प्राचार्य डॉ. अनिल पाल ने छात्राओं से अपील की कि वे तपोवन आश्रम और आसपास के क्षेत्रों में श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दें और विशेषज्ञों के व्याख्यानों से अपने व्यक्तित्व का चहुंमुखी विकास करें।

वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शीतल कन्नौजिया ने शिविर की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ और ‘नॉट मी-बट यू’ के आदर्शों के साथ छात्राओं में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समरसता विकसित करना इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य है। उद्घाटन सत्र के उपरांत सांस्कृतिक प्रभारी डॉ. बरखा कमल के निर्देशन में छात्राओं ने देशभक्ति गीतों सहित ‘पंच केदारा-पंच बद्री’ और ‘फूला फुलारी’ जैसे गढ़वाली व कुमाऊंनी लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

इस अवसर पर वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अटल बिहारी वाजपेई, एनसीसी अधिकारी डॉ. देवेश सिंह सहित डॉ. अरविन्द चौधरी, डॉ. अभिषेक गुप्ता और डॉ. दिलीप शर्मा ने भी छात्राओं का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन कनक उप्रेती व शिवानी ने किया, जबकि व्यवस्थाओं में माहिरा कन्नौजिया ने सहयोग दिया।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments