उत्तरकाशी। जिले के दूरस्थ वन क्षेत्र में कल शाम अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर सर्विस और वन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
यह घटना कल दिनांक 12 फरवरी 2026 की सायंकालीन समय की बताई जा रही है। पाटा और संक्राली क्षेत्र के समीपवर्ती जंगल में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई।
स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत वन विभाग और अग्निशमन सेवा को दी। सूचना पाकर फायर सर्विस उत्तरकाशी और वन विभाग की संयुक्त टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गई।
टीमों ने जब मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तो पता चला कि आग पाटा गांव में बने लकड़ी के मकानों और चैतन्य आश्रम के बेहद करीब पहुंच चुकी थी। यदि समय रहते आग पर काबू न पाया जाता, तो यह पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले सकती थी और बड़ी तबाही मच सकती थी।

फायर सर्विस कर्मियों ने मौके पर होजरील फैलाकर पानी का बौछार करना शुरू कर दिया। वन विभाग की टीम ने भी आग की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए। दोनों विभागों की टीमों ने करीब एक घंटे तक कड़ी मशक्कत की, जिसके बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका।
अधिकारियों ने बताया कि इस अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए सूखी पत्तियों और घास के कारण आग लग सकती है।
प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे वन क्षेत्रों में आग लगने की किसी भी सूचना पर तुरंत विभाग को सूचित करें और जंगलों में आग लगाने से बचें।

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