दून पुलिस का मानवीय चेहरा : आरक्षी शाहनवाज ने रोजा तोड़कर बचाई मरीज की जान, 84वीं बार किया रक्तदान

देहरादून। ‘मित्र पुलिस’ के स्लोगन को चरितार्थ करते हुए देहरादून पुलिस के एक जवान ने सांप्रदायिक सौहार्द और मानवीय संवेदना की अनूठी मिसाल पेश की है। एसएसपी कार्यालय में तैनात आरक्षी शाहनवाज अहमद ने रमजान के पवित्र महीने में अपना रोजा तोड़कर अस्पताल में भर्ती एक जरूरतमंद मरीज के लिए रक्तदान किया। खास बात यह है कि शाहनवाज अब तक रिकॉर्ड 84 बार रक्तदान कर चुके हैं।

गुरुवार को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि दून अस्पताल में एक मरीज का ऑपरेशन होना है, लेकिन समय पर रक्त की व्यवस्था न होने के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलते ही आरक्षी शाहनवाज अहमद बिना देरी किए अस्पताल पहुंचे। चूंकि वह रोजे से थे, इसलिए रक्तदान की चिकित्सीय आवश्यकताओं को देखते हुए उन्होंने तत्काल अपना रोजा खोला और मरीज के लिए रक्तदान किया। उनके इस समयोचित सहयोग से मरीज का ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।

यह पहली बार नहीं है जब शाहनवाज ने इस तरह का त्याग किया हो; इससे पूर्व भी वह दो बार रमजान के दौरान रोजा तोड़कर गंभीर मरीजों की जान बचा चुके हैं। उनके इस जज्बे और 84 बार रक्तदान करने के जुनून की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। सिपाही शाहनवाज ने बताया कि उनके लिए वर्दी और इंसानियत का कर्तव्य सबसे ऊपर है।

मरीज के परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस की इस तत्परता और शाहनवाज के निस्वार्थ सेवा भाव की सराहना करते हुए दून पुलिस का आभार व्यक्त किया है। एसएसपी देहरादून ने भी आरक्षी के इस मानवीय कार्य की सराहना करते हुए इसे पूरी पुलिस फोर्स के लिए प्रेरणादायक बताया है।

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