ज्ञान, कला और खेल का भव्य संगम; मार्च पास्ट में पेसल वीड कॉलेज ने मारी बाजी, समग्र ट्रॉफी पर स्कूल का कब्ज़ा
देहरादून। “जब हम अपना स्थापना दिवस मनाते हैं, तो हम अपनी जड़ों को याद करते हैं, अपनी उपलब्धियों को स्वीकार करते हैं और एक उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होते हैं।” – इसी मूल मंत्र के साथ द पेसल वीड स्कूल, देहरादून ने आज (17 अक्टूबर 2025) अपना 34वां स्थापना दिवस समारोह बड़े ही उत्साह और धूमधाम से मनाया। यह आयोजन ज्ञान, कला, और खेल कौशल का एक भव्य संगम रहा, जिसमें चार प्रतिष्ठित संस्थानों – चिल्ड्रन एकेडमी, के०सी० पब्लिक स्कूल, पेसल वीड कॉलेज ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और द पेसल वीड स्कूल के गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों, छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया।
आकर्षक वार्षिक प्रदर्शनी और नवाचार
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10:45 पर एक आकर्षक वार्षिक प्रदर्शनी के साथ हुआ। प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी (कुलपति, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय) और सम्मानित अतिथि ब्रिग्रेडियर आर.एस. थापा (डिप्टी जीओ.सी., देहरादून) ने किया। प्रदर्शनी में स्कूल के आरंभ से अब तक के सफ़र को चित्रों के माध्यम से रोचक ढ़ंग से प्रस्तुत किया गया था। छात्रों द्वारा बनाए गए इसरो के सम्पूर्ण इतिहास और चन्द्रयान-2 मॉडल को विशेष रूप से सराहा गया।
कॉलेज के छात्रों ने कूड़ा प्रबंधन विषय पर एक अतिज्ञानवर्धक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया गया, ताकि विभिन्न रोगों से बचकर स्वस्थ जीवनयापन किया जा सके।

एथलेटिक मीट: खेल कौशल का प्रदर्शन
अपराहन 1:50 बजे से एथलेटिक मीट का भव्य आयोजन हुआ। मेजर जनरल शम्मी सबरवाल (पूर्व जीओसी, उप क्षेत्र उत्तराखण्ड और अध्यक्ष प्रबंधन समिति) द्वारा मशाल प्रज्वल्लित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी, सम्मानित अतिथि बिग्रेडियर आर.एस. थापा, डॉ. प्रेम कश्यप (अध्यक्ष, द पेसल वीड स्कूल), मेजर जनरल शम्मी सबरवाल सहित कई गणमान्य अतिथियों ने शोभा बढ़ाई। प्रधानाध्यापकों द्वारा अतिथियों का शॉल पहनाकर और विद्यार्थियों द्वारा हरियाली का प्रतीक पौधे देकर अभिनन्दन किया गया।
जूनियर कक्षाओं के छात्रों की मनमोहक प्रस्तुतियों के बाद, सीनियर छात्रों ने एरोबिक नृत्य और श्री कृष्ण लीला की आकर्षक प्रस्तुति दी, जिससे माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। एथलेटिक प्रतियोगिताओं में 50 मीटर, 100 मीटर, 200 मीटर रिले रेस, लंबी कूद, जिमनास्टिक फ्लोर एक्सरसाइज और हाई हॉस जैसे रोमांचक मुकाबले हुए।
सबसे ज़्यादा हैरतअंगेज प्रस्तुति ताइक्वांडो के छात्र-छात्राओं ने दी, जिन्होंने लकड़ी और जलती हुई मार्बल को तोड़ने की कला का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर दशकों ने दाँतों तले अंगुली दबा ली।
प्रेरणादायक संदेश और पुरस्कार वितरण
इसके पश्चात् चारों संस्थानों के छात्र-छात्राओं द्वारा मार्च पास्ट का शानदार प्रदर्शन किया गया, जिसकी अतिथियों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
अपने प्रेरणादायी संदेश में, मुख्य अतिथि प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी ने छात्रों के सांस्कृतिक, खेल व एथलेटिक प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा का महत्व केवल अकादमिक सफलता तक सीमित नहीं है, यह छात्रों का सर्वागीण व्यक्तित्व का विकास करती है। सच्ची शिक्षा वह है जो चरित्र का निर्माण करती है।
विशिष्ट अतिथि ने विद्यार्थियों को अर्जुन की भांति सिर्फ मछली की आँख पर ध्यान केंद्रित करने और कभी हार न मानने की प्रवृत्ति विकसित करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि ने डॉ० प्रेम कश्यप (अध्यक्ष, द पेसल वीड स्कूल) के शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान की भूरि भूरि प्रशंसा की और खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया।

प्रतियोगिता के परिणाम:
एथलेटिक प्रतियोगिताओं के परिणामों में द पेसल वीड स्कूल का प्रदर्शन शानदार रहा। स्कूल ने खेल के वर्ग ‘अ’, वर्ग ‘ब’, वर्ग ‘स’, और वर्ग ‘द’ की सभी श्रेणियों में जीत हासिल की। हालांकि, सबसे अनुशासित और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मार्च पास्ट प्रतियोगिता का विजेता पेसल वीड कॉलेज ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रहा। अंत में, विभिन्न प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर, प्रतिष्ठित समग्र ट्रॉफी (Overall Trophy) पर एक बार फिर द पेसल वीड स्कूल ने अपना कब्जा जमाया।
समारोह के समापन पर, डॉ. प्रेम कश्यप ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और कर्मचारियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने छात्रों को ऐसे अवसरों का भरपूर लाभ उठाने की प्रेरणा दी, जो उनकी उन्नति के लिए मील के पत्थर का काम करते हैं।
इस भव्य आयोजन का समापन विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पदक, ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान कर किया गया। स्कूल का 34वां स्थापना दिवस समारोह संस्थान की सर्वांगीण विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है और वहाँ उपस्थित सभी अतिथियों पर एक अमिट छाप छोड़ गया।

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