मुख्यमंत्री की प्रेरणा और जिलाधिकारी सविन बंसल की पहल से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार
देहरादून, 22 अगस्त। मुख्यमंत्री की प्रेरणा और जिलाधिकारी सविन बंसल की दूरदर्शी पहल से शुरू हुए प्रोजेक्ट उत्कर्ष ने देहरादून जिले के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल दी है। ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट की प्रगति का मूल्यांकन करते हुए शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
प्रोजेक्ट उत्कर्ष के प्रथम चरण में जिले के 46 विद्यालयों में विद्युत संयोजन, 1248 में वाईटबोर्ड, 348 में पानी की टंकी, 754 में मंकी नेट, 246 में झूले, 337 में बेबी स्लाइड, 46 में बॉलीबॉल कोर्ट, 109 में बैडमिंटन कोर्ट और 93 में वॉलपेंटिंग कार्य पूर्ण किए गए हैं। 84 विद्यालयों को फर्नीचरयुक्त किया गया है, जबकि सभी कक्षाओं में एलईडी स्क्रीन लगाने की प्रक्रिया भी गतिमान है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कोरवा (कालसी) और त्यूनी चकराता में भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में विद्यालयों को डिजिटल बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, रूम हीटर, वॉटर प्यूरीफायर, वाईफाई, डाइनिंग टेबल, रोटीमेकर, कंप्यूटर ऑपरेटर, सफाई कर्मी और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ओएनजीसी और हुडको जैसे संस्थानों के सहयोग से विद्यालयों को गीजर, डबल डेकर बेड, ट्रैकसूट, जूते और सेनिटरी मशीनें भी प्रदान की जा रही हैं।

जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय में न्यूज़पेपर, मैगज़ीन, शब्दकोश और महापुरुषों की जीवनियाँ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि बच्चे शिक्षा के साथ कौशल और प्रेरणा प्राप्त कर सकें। पुस्तकालयों में सामान्य ज्ञान, आत्मकथाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें भी रखी जा रही हैं।
प्रोजेक्ट उत्कर्ष के तहत 215 राजकीय विद्यालयों में सीएसआर के माध्यम से 6801 फर्नीचर सेट वितरित किए गए हैं, जिससे हजारों छात्र लाभान्वित हुए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल भौतिक संसाधनों का विस्तार नहीं, बल्कि बच्चों को आत्मविश्वासी, तकनीकी रूप से सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रोजेक्ट उत्कर्ष अब जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने वाला परिवर्तनकारी अभियान बन चुका है।

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