

उच्च शिक्षा परिषद की 13वीं बैठक में उद्यमिता, संकाय विकास और नशामुक्ति पर अहम फैसले
देहरादून।सूबे में उच्च शिक्षा को नई दिशा देने के लिए मंगलवार को राज्य उच्च शिक्षा परिषद की 13वीं बैठक सचिवालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने की। बैठक में एक दर्जन से अधिक प्रस्ताव पारित किए गए और 12वीं बैठक के निर्णयों का अनुमोदन भी दिया गया।
डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सभी प्रावधानों को शत-प्रतिशत लागू करने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही महाविद्यालयों को स्वायत्तता, परीक्षा की शुचिता, शिक्षण की गुणवत्ता और परिसरों में सांस्कृतिक व खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी निर्णय लिए गए।
बैठक में देवभूमि उद्यमिता कार्यक्रम, संकाय विकास कार्यक्रम, भारतीय ज्ञान प्रणाली आधारित पाठ्यक्रम, पीएम-ऊषा योजना, निजी विश्वविद्यालय मॉडल अधिनियम और समर्थ पोर्टल के उपयोग पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। इसके अलावा कैरियर एडवांसमेंट स्कीम, भारत दर्शन योजना के लिए प्रतिभागियों का चयन, नवीन पाठ्यक्रमों का संचालन, परीक्षा परिणाम संबंधी शिकायतों का समयबद्ध निवारण, स्वायत्त एवं आदर्श महाविद्यालयों के निरीक्षण और एंटी ड्रग सेल के गठन को भी स्वीकृति मिली।
मंत्री ने कहा कि अब परिषद की बैठक हर माह होगी। अगले छह माह में प्रत्येक विश्वविद्यालय 5-5 और महाविद्यालय 2-2 सेमिनार आयोजित करेंगे। इन सेमिनारों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, प्रदेश के मंत्री और दो-दो विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा।
डॉ. रावत ने घोषणा की कि 10 से 15 अगस्त तक सभी शिक्षण संस्थानों में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसमें छात्र, शिक्षक और कर्मचारी भाग लेंगे। साथ ही प्रत्येक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय परिसर में मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद की मूर्ति स्थापित की जाएगी। संस्थानों में नशामुक्ति अभियान भी चलाया जाएगा।
बैठक में उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन, पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी, जयपाल चौहान, सचिव उच्च शिक्षा बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, वीसी प्रो. तृप्ता ठाकुर, प्रो. भानु दुग्गल, प्रो. अम्बरीश महाजन, अपर सचिव मनुज गोयल, निदेशक वी.एन. खाली और नोडल पीएम-ऊषा डॉ. अनीता रावत सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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