देहरादून में ‘द साइलेंट बिस्ट्रो’ का आगाज़ – श्रवण-बाधित समुदाय के लिए समावेशिता की नई पहल

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून अब एक नए तरह के रेस्टोरेंट की गवाह बनने जा रही है, जहाँ स्वाद और उद्देश्य दोनों का संगम होगा। डीड्स इंडिया और प्रसिद्ध रेस्टोरेंट व्यवसायी राहुल बजाज ने मिलकर ‘द साइलेंट बिस्ट्रो’ की शुरुआत की है। यह रेस्टोरेंट न केवल अनूठा भोजन अनुभव प्रदान करेगा बल्कि सुनने में अक्षम (Deaf) समुदाय को रोज़गार और अवसर भी उपलब्ध कराएगा।

यह विशेष बिस्ट्रो 20 सितंबर 2025 से सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में जनता के लिए खुल जाएगा। जबकि इसका भव्य उद्घाटन 18 सितंबर 2025 को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और अमृता रावत द्वारा उत्तराखंड के गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में किया जाएगा।

26 वर्षों की सेवा यात्रा से ‘साइलेंट बिस्ट्रो’ तक
पिछले 26 वर्षों से देहरादून स्थित बजाज इंस्टिट्यूट फॉर लर्निंग (BIL), डीड्स पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से, लगभग 150 श्रवण-बाधित छात्रों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहा है। राजपुर रोड से शुरू हुआ यह सफर अब सहस्त्रधारा रोड तक पहुँच चुका है। इसी मिशन को आगे बढ़ाते हुए, अब डीड्स इंडिया ने आतिथ्य जगत में समावेशिता की नई इबारत लिखी है। बजाज इंस्टिट्यूट ऑफ़ लर्निंग की प्रिंसिपल डॉ. पुनीत बासुर ने कहा कि ‘द साइलेंट बिस्ट्रो’ केवल एक रेस्टोरेंट नहीं बल्कि उन छात्रों और श्रवण-बाधित युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार है, जिन्हें अब तक समाज में सीमित ही मौके मिल पाते थे। यह पहल उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।’

विशेष मेन्यू और उत्तराखंड की पहचान
‘द साइलेंट बिस्ट्रो’ में मेहमानों के लिए एक विशेष मेन्यू तैयार किया गया है, जिसमें शामिल हैं – बेक्ड बिरयानी, स्विस फॉन्ड्यू, पोटैटो रोस्टी, पॉय पॉकेट्स, विशेष मिठाइयाँ और हस्तनिर्मित आइसक्रीम्स।

राहुल बजाज ने इसमें अपनी फिलॉसफ़ी #SLO – सस्टेनेबल, लोकल और ऑर्गेनिक को भी जोड़ा है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से प्रेरित होकर उन्होंने उत्तराखंड की स्थानीय उपज का इस्तेमाल किया है।

भांग के बीज (Hemp Seed): विश्व का पहला हेम्प सीड फॉन्ड्यू, हेम्प सीड पेस्टो और हेम्प सीड रिसोटो।

बुरांश (राज्य पुष्प): आइसक्रीम और जापानी शैली की चीज़केक में प्रयोग।

कीटो-फ्रेंडली और शुगर-फ्री डेज़र्ट्स भी मेन्यू में शामिल।

उद्देश्य सिर्फ भोजन नहीं, अवसर भी
राहुल बजाज ने कहा –
“द साइलेंट बिस्ट्रो केवल एक रेस्त्रां नहीं है; यह उस संकल्प का प्रतीक है जहाँ हम अवसर पैदा करते हैं और श्रवण-बाधित समुदाय की प्रतिभाओं का उत्सव मनाते हैं। हमारा मिशन है कि एक ऐसा स्थान तैयार किया जाए जहाँ बेहतरीन भोजन और बेहतरीन उद्देश्य साथ आएं।”

श्रवण-बाधित समुदाय को सशक्त बनाने के प्रयास में सलमान खान, अमिताभ बच्चन, जॉन अब्राहम जैसे सेलिब्रिटी तथा लेंसकार्ट, लेमन ट्री होटल्स, ताज होटल्स जैसी बड़ी कंपनियाँ भी डीड्स इंडिया का समर्थन कर रही हैं।

समावेशिता का प्रतीक बनेगा बिस्ट्रो
‘द साइलेंट बिस्ट्रो’ न केवल एक रेस्टोरेंट है बल्कि यह समावेशिता, गरिमा और समान अवसर का प्रतीक भी है। उम्मीद है कि यह पहल न सिर्फ देहरादून बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश के लिए प्रेरणा बनेगी।

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