प्रदेश की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार: जीएसडीपी ₹3.81 लाख करोड़, प्रति व्यक्ति आय ₹2.73 लाख।

देहरादून। राज्य की अर्थव्यवस्था में बीते कुछ वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) बढ़कर ₹3,81,889 करोड़ हो गया है, जो वर्ष 2021-22 में ₹2.54 लाख करोड़ था। इस प्रकार तीन वर्षों में जीएसडीपी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।

गुरुवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने बताया कि वर्ष 2024-25 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹2,73,921 हो गई है, जबकि वर्ष 2021-22 में यह ₹1,94,670 थी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) के सहयोग से तैयार की गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्ष 2024-25 में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 7.23 प्रतिशत रही है। वहीं मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स वर्ष 2021-22 के 9.7 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2024-25 में 6.92 प्रतिशत पर आ गया है। लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट भी बढ़कर 64.4 प्रतिशत हो गया है, जो वर्ष 2021-22 में 60.1 प्रतिशत था।

उन्होंने बताया कि ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में भी निरंतर सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2001 में यह 0.247 था, जो वर्ष 2017 में बढ़कर 0.684 हुआ। वर्ष 2021-22 में यह 0.718 था और वर्ष 2024-25 में बढ़कर 0.722 हो गया है।

औद्योगिक क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2021-22 में राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की कुल संख्या 59,798 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 79,394 हो गई है। एमएसएमई क्षेत्र में रोजगार पाने वालों की संख्या वर्ष 2022 में 3,43,922 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 4,56,605 हो गई है। इसी अवधि में बड़े उद्योगों की संख्या 107 से बढ़कर 128 हो गई है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 तक राज्य में स्टार्टअप की संख्या शून्य थी, जो वर्ष 2021-22 में 702 हुई और वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,750 तक पहुंच गई है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है। राज्य में सड़कों की कुल लंबाई वर्ष 2021-22 में 50,393 किलोमीटर थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 51,278 किलोमीटर हो गई है। वर्ष 2022 तक राज्य में 2 हेलीपोर्ट थे, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 7 हो गए हैं। वहीं हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में प्राइमरी विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर वर्ष 2021-22 के 1.64 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 1.41 प्रतिशत हो गई है। वहीं सेकेंडरी विद्यालयों में यह दर 7.65 प्रतिशत से घटकर 4.59 प्रतिशत रह गई है। राज्य में डिग्री कॉलेजों की संख्या 124 से बढ़कर 139 हो गई है, जबकि इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 20 से बढ़कर 52 हो गई है।

ऊर्जा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2021-22 में राज्य में कुल 5,157 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन होता था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 16,500 मिलियन यूनिट हो गया है। वहीं बिजली की खपत 12,518 मिलियन यूनिट से बढ़कर 17,192 मिलियन यूनिट हो गई है।

सौर ऊर्जा उत्पादन में भी राज्य ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2021-22 में 439 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन होता था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 1,027 मेगावाट हो गया है।

स्वास्थ्य संकेतकों में भी सुधार दर्ज किया गया है। शिशु मृत्यु दर वर्ष 2021-22 के 22 से घटकर 2024-25 में 20 हो गई है, जबकि मातृ मृत्यु दर 103 से घटकर 91 हो गई है। राज्य में औसत जीवन प्रत्याशा 71.7 वर्ष से बढ़कर 73 वर्ष हो गई है।

स्वच्छता के क्षेत्र में राज्य ने शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2021-22 में 97 प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा थी, जो अब 100 प्रतिशत हो गई है।

कृषि क्षेत्र में भी उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई है। धान और गेहूं का उत्पादन वर्ष 2021-22 के 28.23 कुंतल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 32.47 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गया है। औषधीय एवं सुगंधित पौधों का क्षेत्रफल 900 हेक्टेयर से बढ़कर 10 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है।

दुग्ध उत्पादन वर्ष 2021-22 के 50.92 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 2024-25 में 54.59 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। वहीं मत्स्य उत्पादन 7,325 टन प्रतिवर्ष से बढ़कर 10,487 टन प्रतिवर्ष हो गया है।

पर्यटन क्षेत्र में भी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में राज्य में 8,225 होटल एवं अन्य ठहराव सुविधाएं थीं, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 10,509 हो गई हैं। वहीं होमस्टे की संख्या 3,935 से बढ़कर 6,161 हो गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि एसडीजी इंडेक्स में वर्ष 2021-22 में राज्य चौथे स्थान पर था, जबकि वर्ष 2023-24 में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की जीएसडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

उत्तराखंड राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण के सकारात्मक आंकड़े हमारे सतत विकास और सुशासन के प्रयासों का परिणाम हैं। जीएसडीपी, प्रति व्यक्ति आय, एमएसएमई, स्टार्टअप और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति यह दर्शाती है कि उत्तराखंड तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। हमारी सरकार प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में रोजगार सृजन, निवेश प्रोत्साहन और जनकल्याण को केंद्र में रखकर राज्य को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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