

काशीपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर में फ्लैगशिप सेक्टर कॉन्क्लेव ‘नवयुग 2026: रीइन्वेंटिंग बीएफएसआई’ का सफल आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों, जोखिम रणनीतिकारों और मानव संसाधन प्रमुखों ने भाग लिया।
कॉन्क्लेव दो प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहा – कौशल आधारित और एआई सक्षम कार्यबल मॉडल का निर्माण तथा मानवीय विवेक और जोखिम प्रशासन के साथ एंटरप्राइज ग्रेड एआई का कार्यान्वयन।
पहले सत्र ‘द फाइनेंशियल प्रोफेशनल रीइमेजिन्ड’ का संचालन एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुरवीर सिंह जसवाल ने किया। विशेषज्ञों ने कहा कि एआई आठ घंटे के डेटा विश्लेषण को 15 मिनट में पूरा कर सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय में मानवीय विवेक, आलोचनात्मक सोच और नियंत्रण ही आधार रहेगा। एक्सिस बैंक, आनंद राठी वेल्थ, क्रेडिट सेज़न, एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस और आरबीएल बैंक के विशेषज्ञों ने डिग्री के बजाय कौशल आधारित प्रतिभा मॉडल अपनाने पर जोर दिया।
दूसरे सत्र ‘द इंटेलिजेंट फाइनेंशियल एंटरप्राइज’ का संचालन एक्सिस बैंक के लीड प्रोडक्ट मैनेजर विजय चंदोला ने किया। लेंडिंगकार्ट, एको इंश्योरेंस, बजाज फिनसर्व, अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट और डीबीएस बैंक के अधिकारियों ने कहा कि समान एआई मॉडल पर अत्यधिक निर्भरता वित्तीय समावेशन को प्रभावित कर सकती है। असंरचित डेटा को उपयोगी इंटेलिजेंस में बदलना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने की सलाह दी गई, जहां नियमित कार्यों के लिए एआई और जोखिम निर्णय के लिए मानव नियंत्रण हो।
डॉ. गुरवीर सिंह जसवाल ने कहा कि एआई प्रबंधन सिद्धांतों का स्थान नहीं ले सकता। एक्सिस बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख अनुज सहाय ने कहा कि पहले अपनी विश्लेषण क्षमता का प्रयोग करें, फिर एआई से सवाल करें। आनंद राठी वेल्थ के नवीन आर गंगारमानी ने कहा कि एआई आपका स्थान नहीं लेगा, लेकिन जो एआई नहीं सीखेगा वह पीछे रह जाएगा। बजाज फिनसर्व के निखिल जैन ने कहा कि जोखिम के क्षेत्र में अंतिम निर्णय हमेशा मानव के पास रहेगा।
कार्यक्रम में छात्रों को उद्योग विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर मिला, जिसने शैक्षणिक शिक्षा और उद्योग के बीच सेतु के रूप में आईआईएम काशीपुर की भूमिका को रेखांकित किया।

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